MP HIGHCOURT NEWS: जबलपुर में सामने आए करीब 34 करोड़ रुपये के धान घोटाले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने नागरिक आपूर्ति निगम से शपथ-पत्र के साथ जवाब और EOW से जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
जनहित याचिका पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
जबलपुर हाईकोर्ट में धान परिवहन घोटाले को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने प्रदेशव्यापी जांच से जुड़ी जानकारी मांगी है। अदालत ने नागरिक आपूर्ति निगम को शपथ-पत्र के साथ जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) को मामले में दर्ज प्रकरणों और जांच की मौजूदा स्थिति की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
MP HIGHCOURT NEWS: जबलपुर में 34 करोड़ के घोटाले का खुलासा
नागरिक उपभोक्ता मंच की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि तत्कालीन जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना के आदेश पर हुई प्रशासनिक जांच में जिले में करीब 34 करोड़ रुपये का धान घोटाला सामने आया था। जांच में धान उपार्जन और परिवहन के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ। रिकॉर्ड में कई जगह 100 से 200 क्विंटल तक धान का परिवहन दोपहिया और तिपहिया वाहनों से दिखाया गया।
स्कूटर और ऑटो से दिखाया गया भारी मात्रा में परिवहन
जांच के दौरान ऐसे स्कूटर, ऑटो और यात्री बसों के पंजीयन नंबर भी सामने आए, जिनसे रिकॉर्ड में दर्शाई गई मात्रा में धान का परिवहन तकनीकी रूप से संभव नहीं था। मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद जबलपुर जिले में 90 लोगों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ अलग-अलग FIR दर्ज कराई गई थीं।
MP HIGHCOURT NEWS: मंडला से बालाघाट तक जुड़े तार
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने अदालत को बताया कि धान घोटाले के तार प्रदेश के अन्य जिलों से भी जुड़े हैं। मंडला, डिंडोरी, सिवनी और बालाघाट में भी कुछ मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने 27 जिला कलेक्टरों को धान घोटाले की जांच के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ता का कहना है कि इससे स्पष्ट होता है कि मामला केवल जबलपुर तक सीमित नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर का है।
तत्कालीन कलेक्टर की हाईकोर्ट ने की सराहना
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तत्कालीन जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना की तत्परता और सक्रियता की सराहना की। युगलपीठ ने कहा कि उनकी सक्रियता के कारण करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हो सका। अदालत ने यह भी कहा कि अन्य जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को भी इसी तरह सजगता दिखानी चाहिए थी। 27 जिलों में जांच के निर्देश के बावजूद ठोस नतीजे सामने नहीं आने पर अदालत ने प्रदेश स्तर की कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
MP HIGHCOURT NEWS: नागरिक आपूर्ति निगम और EOW से मांगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने नागरिक आपूर्ति निगम को निर्देश दिया है कि जबलपुर में कार्रवाई के बाद प्रदेश स्तर पर की गई जांच और उसकी प्रगति की जानकारी शपथ-पत्र के साथ पेश की जाए। वहीं EOW को धान घोटाले से जुड़े दर्ज मामलों की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
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