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रसोई गैस की सप्लाई नहीं रुकेगी, 21 कंपनियों को मिला LPG प्रोडक्शन टारगेट

LPG SUPPLY: गैस सप्लाई नहीं रुकेगी, कंपनियों को मिला टारगेट

LPG SUPPLY: वैश्विक संकट और आयात में संभावित बाधाओं के बीच देश में रसोई गैस की सप्लाई बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने एलपीजी उत्पादन को लेकर नई व्यवस्था तैयार की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 21 रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए रोजाना 63,810 टन एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। यह देश की करीब 91 हजार टन की दैनिक खपत का लगभग 70 प्रतिशत है। सरकार का उद्देश्य संकट के समय आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू उत्पादन को तेजी से बढ़ाना है।

आयात पर निर्भरता ने बढ़ाई चिंता

वित्त वर्ष 2026 में भारत ने करीब 3.32 करोड़ टन एलपीजी की खपत की। इसमें घरेलू उत्पादन लगभग 1.31 करोड़ टन रहा, जबकि करीब 2.13 करोड़ टन एलपीजी का आयात किया गया। यानी कुल जरूरत का 64 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा विदेशों से आया। पश्चिम एशिया में संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका ने इस निर्भरता को लेकर चिंता बढ़ाई। भारत के एलपीजी आयात का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्ग से आता है, ऐसे में किसी भी वैश्विक संकट का असर घरेलू सप्लाई पर पड़ सकता है।

LPG SUPPLY: संकट में पहले भी बढ़ाया गया था उत्पादन

मार्च में सप्लाई संकट के दौरान सरकार ने रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल उत्पादन से जुड़ी कुछ स्ट्रीम को एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़ने का निर्देश दिया था। इसके चलते घरेलू उत्पादन बढ़ाकर करीब 55 हजार टन प्रतिदिन तक पहुंचाया गया। हालात सामान्य होने के बाद जून में ये आपात कदम धीरे-धीरे वापस ले लिए गए। अब सरकार ने इसी अनुभव को स्थायी व्यवस्था में बदलने की तैयारी की है, ताकि जरूरत पड़ने पर उत्पादन तुरंत बढ़ाया जा सके।

किसे कितना मिला उत्पादन लक्ष्य

नई व्यवस्था के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की 18 रिफाइनरियों को मिलाकर 31,470 टन प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर घरेलू टैरिफ एरिया रिफाइनरी को सबसे बड़ा 18 हजार टन प्रतिदिन का लक्ष्य मिला है। नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी के लिए 4,480 टन प्रतिदिन और ओएनजीसी तथा गेल जैसी अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए कुल 6,460 टन प्रतिदिन का लक्ष्य तय किया गया है।

LPG SUPPLY: स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट मजबूत करने पर जोर

सरकार ने कंपनियों को एलपीजी के स्टोरेज, निकासी और परिवहन के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने को कहा है। इसके लिए रेलवे और सड़क टैंकर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। कंपनियों को तकनीकी रूप से संभव होने पर नाफ्था को एलपीजी में बदलने और कुछ यूनिट्स को अपग्रेड करने जैसे उपाय भी करने होंगे। सरकार जरूरत पड़ने पर कंपनियों को निर्धारित मात्रा में उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दे सकेगी। उत्पादन शेड्यूल हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को अपडेट किया जाएगा। इससे नई रिफाइनरियों और बढ़ी उत्पादन क्षमता को व्यवस्था में शामिल किया जा सकेगा।

 

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