Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में बेटे की जान बचाने के लिए एक पिता ने अपनी जान की परवाह किए बिना बाघ का सामना किया। मंडावली थाना क्षेत्र के सहानपुर रेंज के मोथला उर्फ नीम वाली वन क्षेत्र में शनिवार सुबह गाय-भैंस चराने गए 33 वर्षीय रफी पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। बेटे की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे पिता गुलाम नबी ने हाथ में डंडा लेकर बाघ से करीब पांच मिनट तक मुकाबला किया। लगातार प्रतिरोध के बाद बाघ जंगल की ओर भाग गया। घायल रफी को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।
बेटे की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे पिता
रफी सुबह करीब 8 बजे पशुओं को चराने के लिए जंगल के पास गए थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले से घबराए रफी मदद के लिए चिल्लाने लगे। उनकी आवाज सुनकर पास के डेरे में मौजूद उनके पिता गुलाम नबी तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने बेटे को बाघ के हमले से जूझते देखा।
Bijnor News: पांच मिनट तक डंडे से बाघ का सामना
बेटे को बचाने के लिए गुलाम नबी ने बिना देर किए डंडा उठा लिया और बाघ के सामने डट गए। बाघ लगातार गुर्रा रहा था, लेकिन पिता पीछे नहीं हटे। उन्होंने लगातार डंडे से बाघ पर वार किया। करीब पांच मिनट तक चले इस संघर्ष के बाद बाघ पीछे हटने लगा।
पिता की हिम्मत से जंगल की ओर भागा बाघ
लगातार प्रतिरोध के बाद बाघ मौके से जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद गुलाम नबी ने घायल बेटे को संभाला। हमले में रफी के हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर पंजों के निशान आए और उसे चोटों से खून भी निकला। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य बताई और उसे घर भेज दिया।
Bijnor News: वन विभाग ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से जंगल और उसके आसपास जाते समय सतर्क रहने की अपील की है। रफी ने अपने पिता को अपनी जिंदगी का रक्षक बताते हुए कहा कि अगर वे समय पर नहीं पहुंचते तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती थी। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी बाघ को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ये भी पढ़ें…मध्य प्रदेश के UCC पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का विरोध, कहा- ‘मुसलमान मानने को बाध्य नहीं’








