Ram Mandir CEO Jeetendra Interview: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं और उनके सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हाल ही में दान में कथित हेराफेरी से जुड़े विवाद के बीच मिली इस जिम्मेदारी पर मिश्रा ने कहा कि अतीत की घटनाओं से सबक लेना चाहिए, लेकिन अतीत का बोझ अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। एक मीडिया चैनल को इंटरव्यू में मिश्रा ने अपनी नई जिम्मेदारी, भारतीय वायु सेना के 43 साल के अनुभव, टीमवर्क और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी भूमिका पर भी बात की।
चंदा चोरी के आरोपों पर क्या बोले जीतेंद्र मिश्रा?
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदे में कथित हेराफेरी के सवाल पर मिश्रा ने कहा कि अतीत की घटनाओं से सीखना जरूरी है, लेकिन उसका बोझ भविष्य के काम पर हावी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्था अच्छी तरह संचालित हो रही है और वह टीम के साथ जुड़कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में अपना योगदान देंगे। यानी नए CEO ने पुराने विवाद पर किसी व्यक्ति या मामले को लेकर सीधी टिप्पणी करने के बजाय आगे की व्यवस्था और प्रबंधन सुधारने पर जोर दिया।
Ram Mandir CEO Jeetendra Interview: राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की जिम्मेदारी
जीतेंद्र मिश्रा राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बनाए गए हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब मंदिर प्रशासन के पेशेवर प्रबंधन और दान से जुड़ी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मिश्रा के सामने मंदिर की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के साथ-साथ बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं, प्रशासनिक समन्वय और दान से जुड़ी प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से संभालने की चुनौती होगी।
हजारों आवेदकों के बीच आवेदन क्यों किया?
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इस पद के लिए आवेदन क्यों किया, तो मिश्रा ने कहा कि उनका उद्देश्य भी दूसरे उम्मीदवारों की तरह देश की सेवा करना था। उन्होंने कहा कि भगवान राम को उनकी सेवा की जरूरत नहीं है, बल्कि देश और जनता को उनकी सेवाओं की आवश्यकता है। यह बयान उनकी नई भूमिका को सिर्फ धार्मिक संस्था की जिम्मेदारी के बजाय सेवा और प्रशासनिक जिम्मेदारी के तौर पर देखने का संकेत देता है।

Ram Mandir CEO Jeetendra Interview: क्या होगी नई CEO की रणनीति?
मिश्रा ने कहा कि वह अकेले कोई रणनीति नहीं बनाएंगे। उनके मुताबिक रणनीति ट्रस्ट के मार्गदर्शन और पूरी टीम के सहयोग से तय होगी। उन्होंने टीम भावना को अपना प्रमुख सिद्धांत बताते हुए कहा कि अगर टीम को साथ लेकर नहीं चला गया और ट्रस्ट का मार्गदर्शन नहीं लिया गया तो कोई भी रणनीति प्रभावी नहीं हो सकती। उनका कहना है कि प्रबंधन की बुनियादी प्रक्रियाएं अलग-अलग जगहों पर काफी समान होती हैं, लेकिन उन्हें मौजूदा काम की जरूरत के अनुसार ढालना पड़ता है।
43 साल का वायु सेना अनुभव कितना काम आएगा?
जीतेंद्र मिश्रा ने करीब 43 साल भारतीय वायु सेना में सेवा की है। उन्होंने कहा कि CEO पद के लिए निर्धारित योग्यताएं और मापदंड सभी उम्मीदवारों के लिए समान थे। उन्होंने इस जिम्मेदारी को अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी से जोड़ते हुए कहा कि चयन समिति ने इन्हीं आधारों पर अपनी खोज पूरी की। अब उनका सैन्य अनुभव राम मंदिर के प्रशासन में किस तरह इस्तेमाल होता है, यह उनकी नई भूमिका का अहम हिस्सा होगा।
Ram Mandir CEO Jeetendra Interview: ऑपरेशन सिंदूर पर क्या बोले?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी भूमिका के सवाल पर मिश्रा ने ज्यादा परिचालन संबंधी जानकारी साझा नहीं की। उन्होंने कहा कि जब देश को उनकी जरूरत थी, तब वह सेवा के लिए तैयार थे और अपनी जिम्मेदारी में सफल रहे। उन्होंने इस दौरान ईश्वर के साथ देश के नागरिकों, वेस्टर्न एयर कमांड की अपनी टीम, भारतीय वायु सेना और मीडिया का आभार जताया। मिश्रा ने खास तौर पर इसे टीम प्रयास बताया।
CEO बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती क्या?
मिश्रा के सामने अब राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की चुनौती है। चंदे से जुड़े विवादों की पृष्ठभूमि में पारदर्शिता, जवाबदेही और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था भी उनकी भूमिका के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे। उनके इंटरव्यू से यह संकेत जरूर मिलता है कि नए CEO पुराने विवादों में उलझने के बजाय अतीत से सीख लेकर आगे की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर देना चाहते हैं।
Ram Mandir CEO Jeetendra Interview: मां का आशीर्वाद लेकर मनाएंगे नई जिम्मेदारी
CEO बनने के बाद लगातार फोन कॉल आने के बीच जब उनसे पूछा गया कि वह इस उपलब्धि का जश्न कैसे मनाएंगे, तो उन्होंने कहा कि फोन कॉल खत्म होने के बाद वह अपनी मां से मिलने जाएंगे। उनकी मां उनका इंतजार कर रही हैं और वह उनका आशीर्वाद लेना चाहते हैं।








