Nepal Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के करीब एक सप्ताह बाद भी कई इलाकों में हालात बेहद भयावह बने हुए हैं। प्रभावित गांवों में घर, दुकानें और रोजगार के साधन तबाह हो चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। आपदा से बचाए गए लोग फिलहाल अस्थाई शिविरों में रह रहे हैं और अपनी आंखों देखी तबाही की दर्दनाक कहानी सुना रहे हैं। इसे एक दशक से अधिक समय में नेपाल की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताया जा रहा है।
दो मिनट में बह गया पूरा गांव, 200 लोग अब भी लापता
मुस्तांग के एक मठ में बनाए गए अस्थाई शिविर में रह रहे एक प्रभावित व्यक्ति ने बताया कि उनके गांव का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया है। स्थानीय आबादी के करीब 200 लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने बताया कि तिमुरे से लोगों को बेहद मुश्किल हालात में बचाकर शिविर तक लाया गया। आपदा की भयावहता बताते हुए उन्होंने कहा कि लोग रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे, तभी अचानक आई बाढ़ ने पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया। उनके मुताबिक, गांव महज दो मिनट में बह गया और सिर्फ 8 से 10 लोगों को ही बचाया जा सका। उन्होंने सरकार और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगठनों से तत्काल मदद की अपील की।
Nepal Flood: घर-दुकान सब बहा, पांचवीं मंजिल तक पहुंचा पानी
त्रिशूली के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि बाढ़ में उनका घर और दुकान पूरी तरह बर्बाद हो गए। उन्होंने कहा कि पानी पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया था और दुकान का पूरा सामान बह गया। ऊपरी कमरों में भी पानी घुस गया, हालांकि कुछ सामान बचाने में सफलता मिली। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और जरूरतमंदों के बीच उसका वितरण किया जा रहा है। हालांकि, तबाही के कारण हजारों परिवारों के सामने दोबारा जीवन शुरू करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
संचार ढांचा तबाह, इंटरनेट बहाली में जुटी टीमें
बाढ़ ने नेपाल के संचार ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। इंटरनेट और संचार सेवाएं बाधित होने से प्रभावित लोगों का अपने परिवारों से संपर्क टूट गया है। त्रिशूली में इंटरनेट सेवा बहाल करने में जुटे नेपाल टेलीकॉम के एक तकनीशियन के मुताबिक, संचार व्यवस्था का बड़ा हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो चुका है। करीब 6 से 7 लाख रुपये मूल्य के उपकरणों के नुकसान का अनुमान है। त्रिशूली में इंटरनेट सेवा जल्द बहाल होने की उम्मीद है, लेकिन उससे आगे के इलाकों में संचार व्यवस्था ठीक करने में कम से कम तीन दिन या उससे अधिक समय लग सकता है।
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