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‘2030 से पहले खत्म होगा बिहार से पलायन’, CM सम्राट चौधरी का बड़ा दावा

Bihar Migration 2030:

Bihar Migration 2030: बिहार में पलायन लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा रहा है। रोजगार की कमी, बेहतर शिक्षा और आर्थिक अवसरों की तलाश में राज्य के लोग दूसरे राज्यों का रुख करते रहे हैं। पिछले कई दशकों से यह सिलसिला जारी है और सरकारों पर भी पलायन रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने के सवाल उठते रहे हैं। अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा दावा किया है।

Bihar Migration 2030: ‘2030 से पहले रुक जाएगा बिहार से पलायन’-

न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 2030 से ठीक पहले बिहार से पलायन रुक जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्थानों और बच्चों की शिक्षा से लेकर रोजगार तक की स्थिति बेहतर होगी। उनका दावा है कि बिहार आर्थिक रूप से और अधिक समृद्ध होगा। शहर बसने शुरू होंगे, गांवों का व्यवस्थित विकास होगा और ग्रामीण क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहतर किया जाएगा।

Bihar Migration 2030: कोचिंग छात्रों की सुरक्षा पर क्या बोले CM-

दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना को लेकर जब मुख्यमंत्री से कोचिंग सेंटरों और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी कोचिंग सेंटरों के सिस्टम की जाँच करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखा जाएगा कि कोचिंग सेंटर किस स्थिति में संचालित हो रहे हैं और वहां छात्रों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं।

कोचिंग के लिए अलग सिटी बनाने की तैयारी-

सम्राट चौधरी ने बताया कि सरकार ने कोचिंग सेंटरों के लिए अलग सिटी विकसित करने का प्रस्ताव भी दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार फिलहाल 12 जगहों पर टाउनशिप विकसित कर रही है और कोचिंग सेंटरों को भी इन क्षेत्रों में ले जाने की योजना है। उनके मुताबिक, इन इलाकों में चौड़ी सड़कें, फायर सेफ्टी के इंतजाम और एंबुलेंस के लिए पर्याप्त जगह जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

बिहार के कई शहरों में बनेंगी टाउनशिप-

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी टाउनशिप सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि बिहार के कई शहरों में इन्हें विकसित किया जाएगा। उन्होंने करीब साढ़े 3 लाख एकड़ जमीन पर इस योजना की कल्पना किए जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि इसके मास्टर प्लान भी तैयार किए गए हैं। पटना के पाटलिपुत्र इलाके को भी इस योजना के तहत चिन्हित और नोटिफाई किया गया है।

रोजगार और शिक्षा पर सरकार का जोर-

सम्राट चौधरी के बयान के मुताबिक, सरकार का फोकस बिहार में शिक्षा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने पर है। सरकार का दावा है कि इन क्षेत्रों में सुधार होने से युवाओं को अपने राज्य में ही बेहतर अवसर मिलेंगे और दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी

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