Assembly By Election Results: बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे लगभग साफ हो गए हैं। बिहार की बांकीपुर सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार से करीब 14,953 वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं, गुजरात की मंजलपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतीश पटेल ने बड़ी जीत दर्ज कर ली है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह निर्णायक बढ़त बनाए हुए हैं।
Assembly By Election Results: बांकीपुर में प्रशांत किशोर की मजबूत बढ़त-
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में 25वें राउंड की मतगणना तक प्रशांत किशोर को 50,976 वोट मिले, जबकि भाजपा के नीरज कुमार को 36,023 वोट मिले। प्रशांत किशोर करीब 14,953 वोटों से आगे चल रहे हैं। यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक नितिन नवीन का गढ़ मानी जाती है। उनके राज्यसभा जाने के बाद यहां उपचुनाव कराया गया। प्रशांत किशोर की पत्नी ने मतगणना के दौरान जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि बांकीपुर के लोगों ने उन पर भरोसा जताया है।
Assembly By Election Results: दतिया में कांग्रेस की बढ़त कायम-
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। 13वें राउंड तक वे 11,058 वोटों से आगे थे। उन्हें 50,307 वोट मिले, जबकि भाजपा के आशुतोष तिवारी को 39,396 वोट मिले। इस चुनाव में भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था। खास बात यह रही कि नरोत्तम मिश्रा के पोलिंग बूथ पर भी कांग्रेस को भाजपा से अधिक वोट मिले।
मंजलपुर में भाजपा की बड़ी जीत-
गुजरात के वडोदरा जिले की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार सतीश पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30,499 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की। जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने मतगणना केंद्र के बाहर जश्न मनाया और रोड शो भी निकाला। सतीश पटेल ने जीत के बाद कहा कि मंजलपुर की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
तीनों सीटों पर मतदान प्रतिशत रहा कम-
30 जुलाई को हुए उपचुनाव में तीनों सीटों पर पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में कम मतदान दर्ज किया गया।
बांकीपुर (बिहार): 34.3% मतदान
दतिया (मध्य प्रदेश): 71.44% मतदान
मंजलपुर (गुजरात): 37.05% मतदान
तीनों राज्यों में मतदाताओं की भागीदारी पिछले विधानसभा चुनावों के मुकाबले कम रही, लेकिन नतीजों ने राजनीतिक दलों के लिए अहम संदेश दिया है।








