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अटल जी के 6 दशक के सार्वजनिक जीवन में क्या रहा सबसे खास? योगी ने बताया ‘राष्ट्र प्रथम’ का मंत्र

ATAL Death Anniversary: पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अटल जी के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा में उनके योगदान को याद किया।

राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे ‘अजातशत्रु’ व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने छह दशक लंबे सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने राजनीति में शुचिता, लोकतांत्रिक मर्यादा और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की मिसाल कायम की। योगी ने कहा कि अटल जी का सार्वजनिक जीवन निर्विवाद और निष्कलंक रहा। उनका जीवन केवल सत्ता और राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना उनके प्रत्येक निर्णय और भूमिका में दिखाई देती थी।

ATAL Death Anniversary: दल से ऊपर देश को रखा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने हमेशा दल से ऊपर देश को महत्व दिया। सांसद, विदेश मंत्री, भारतीय जनसंघ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष तथा प्रधानमंत्री जैसे विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने राष्ट्रसेवा को अपना सर्वोच्च ध्येय बनाया। योगी ने बताया कि अटल जी ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के विरोध में चलाए गए सत्याग्रह से की थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय राजनीति में राष्ट्रवादी नेता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई।

लोकतंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर रहे प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान अटल जी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। 1962, 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान भी उन्होंने जिम्मेदार सांसद के रूप में सरकार के साथ खड़े होकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर देश की एकजुटता को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने कभी राजनीतिक मतभेदों को राष्ट्रहित से ऊपर नहीं आने दिया।

ATAL Death Anniversary: विरोध था, लेकिन विद्वेष नहीं

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल जी की राजनीति में विरोध था, लेकिन विद्वेष नहीं था। उनके भाषणों में ओज था, लेकिन भाषा में मर्यादा थी। यही कारण है कि उन्हें भारतीय राजनीति का ‘अजातशत्रु’ कहा गया। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के साथ राजनीतिक असहमति का सम्मान करने की परंपरा को भी आगे बढ़ाया।

पोखरण से स्वर्णिम चतुर्भुज तक, विकास को दी नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी ने भारत की सामरिक और आर्थिक शक्ति को नई दिशा दी। पोखरण परमाणु परीक्षण से भारत की सामरिक क्षमता का प्रदर्शन हुआ, वहीं स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना ने देश के बुनियादी ढांचे को नई गति दी। योगी ने कहा कि अटल जी की दूरदृष्टि ने भारत के विकास की मजबूत नींव तैयार की।

ATAL Death Anniversary: राष्ट्रसेवा और जनकल्याण ही सच्ची श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि राजनीति का अंतिम उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और जनकल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अटल जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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