
बुध ग्रह का अस्त होना अशुभ संकेत: इन राशियों पर बढ़ेगा संकट, जानें असर और उपाय
Budh Grah Ast: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी और तर्क का कारक माना जाता है। जब बुध अस्त अवस्था में जाता है,

Budh Grah Ast: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी और तर्क का कारक माना जाता है। जब बुध अस्त अवस्था में जाता है,

3 मई रविवार को ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया तिथि, विशाखा नक्षत्र और त्रिपुष्कर योग का संयोग है। दिन में कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जबकि राहुकाल सहित कुछ अशुभ समय भी रहेंगे, जिनमें नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

1 मई की वैशाख पूर्णिमा का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन शुभ मुहूर्त, राहुकाल, भद्रा और अन्य समय का विशेष ध्यान रखा जाता है। स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से पुण्य फल मिलता है और जीवन में सुख-शांति आती है।

Nainital: उत्तराखंड शिव-शक्ति की भूमि है। यहां जगह-जगह शिव-शक्ति के मंदिर मिल जाते हैं। पौराणिक काल के ये मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र रहे

30 अप्रैल का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। इस दिन नरसिंह जयंती और छिन्नमस्ता जयंती मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि के बाद पूर्णिमा लगेगी। शुभ मुहूर्त, रवि योग, राहुकाल और भद्रा काल को ध्यान में रखकर ही पूजा और कार्य करना शुभ माना जाता है।

Rahu Mahadasha Upay: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु की महादशा 18 वर्षों तक चलती है और इसे जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण समयों में से एक

मोहिनी एकादशी 2026 का व्रत 27 अप्रैल को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उपवास का विशेष महत्व है। मान्यता है कि व्रत रखने से दुख दूर होते हैं और सुख, शांति, समृद्धि व सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

26 अप्रैल के पंचांग में बैशाख शुक्ल दशमी तिथि, मघा नक्षत्र, वृद्धि योग और कई शुभ मुहूर्त शामिल हैं। अभिजित, विजय और अमृत काल में शुभ कार्य करें। राहुकाल, दुर्मुहूर्त और वर्ज्य समय में नए काम से बचने की सलाह दी गई है।

सीता नवमी 2026 बैशाख शुक्ल नवमी को मनाई जाएगी। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर सुख, समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली की कामना करती हैं। लेख में शुभ मुहूर्त, पूजा समय, अशुभ काल और दिनभर के सभी महत्वपूर्ण योगों की जानकारी दी गई है।

बैशाख शुक्ल अष्टमी 2026 को माता बगलामुखी जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन पूजा के विशेष शुभ मुहूर्त, नक्षत्र, योग और अशुभ समय का विस्तृत विवरण दिया गया है। भक्त इस दिन साधना कर शत्रु नाश, विवाद समाधान और जीवन में स्थिरता प्राप्त कर सकते हैं।

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