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170 किलोमीटर की आस्था ने तोड़ दीं धर्म की बेड़ियां: मुस्लिम युवती को कांवड़ उठाने से नहीं रोक सकीं धर्म की रेखाएं

170 किलोमीटर की आस्था यात्रा

Kanwar yatra: उत्तराखंड के हरिद्वार से कांवड़ लेकर संभल जिले की निवासी मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक उर्फ तुलसी शनिवार शाम असमोली पहुंच गईं। बुर्का पहने, कंधे पर कांवड़ लिए, तमन्ना ने पुलिस सुरक्षा के बीच करीब 170 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की। उनके गृह जनपद संभल पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे।

170 किलोमीटर की आस्था यात्रा
170 किलोमीटर की आस्था यात्रा

महाशिवरात्रि पर संकल्प पूर्ति

रविवार सुबह महाशिवरात्रि के अवसर पर तमन्ना क्षेमनाथ तीर्थ पहुंचकर जलाभिषेक करेंगी और अपना संकल्प पूरा करेंगी। तमन्ना का कहना है कि उन्होंने पूरी श्रद्धा और रीति-रिवाज से कांवड़ यात्रा की है। भगवान भोलेनाथ में अपनी आस्था जताते हुए उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन सुबह-शाम भगवान शिव की पूजा करती हैं।

Kanwar yatra: 170 किलोमीटर की आस्था यात्रा
170 किलोमीटर की आस्था यात्रा

Kanwar yatra: मन्नत, विवाह और कांवड़

तमन्ना ने अपनी यात्रा के पीछे की कहानी साझा करते हुए कहा कि करीब साढ़े तीन साल पहले उन्होंने गांव के ही अमन त्यागी से विवाह की मनोकामना को लेकर मन्नत मांगी थी। उन्होंने संकल्प लिया था कि विवाह होने पर वे पैदल कांवड़ लाकर क्षेमनाथ तीर्थ पर जलाभिषेक करेंगी। उनकी मनोकामना पूरी हुई और अब वे अपने वैवाहिक जीवन में खुश हैं। इसी वचन को निभाने के लिए उन्होंने हरिद्वार से कांवड़ यात्रा शुरू की और सफलतापूर्वक अपने गंतव्य तक पहुंचीं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, तमन्ना की इस यात्रा ने सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान का संदेश दिया है। प्रशासन ने भी उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए, जिससे यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हो सकी।