Mumbai Crime: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में हुए बमबाजी और फायरिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मामले का मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को मुंबई के देवनार इलाके से पकड़ा है, जहां वे अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। इस कार्रवाई को पश्चिम बंगाल और मुंबई पुलिस के संयुक्त समन्वय का बड़ा परिणाम माना जा रहा है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-6 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा पुलिस से सूचना मिली थी कि शिवपुर थाना क्षेत्र में बमबाजी और फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी मुंबई में छिपे हुए हैं। सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने देवनार इलाके में निगरानी बढ़ाई और एकता एसआरए बिल्डिंग में छापा मारकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शमीम अहमद अब्दुल रशीद, जमील अख्तर अली और अफताब अनवर खुर्शीद अनवर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों वारदात के बाद लगातार ठिकाने बदल रहे थे।
Mumbai Crime: पूछताछ में कबूला अपराध
क्राइम ब्रांच अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने शिवपुर बमबाजी और फायरिंग मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे कई अन्य मामलों में भी संदिग्ध रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को मुंबई में किसने शरण दी और उनके संपर्क किन लोगों से थे। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है।
हावड़ा पुलिस को सौंपे जाएंगे आरोपी
पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले की शिवपुर थाना पुलिस की एक टीम मुंबई पहुंच चुकी है। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंप दिया जाएगा। मुंबई क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि आगे की विस्तृत जांच शिवपुर पुलिस द्वारा की जाएगी और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नए खुलासे हो सकते हैं।
Mumbai Crime: पहले भी मुंबई में छिपे मिले थे आरोपी
रिपोर्ट्स के अनुसार इससे पहले भी मुंबई क्राइम ब्रांच ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से जुड़े एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उन पर एक आश्रम के बाहर बम फेंकने का आरोप था। पुलिस का कहना है कि अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी अक्सर दूसरे राज्यों में जाकर छिपने की कोशिश करते हैं, लेकिन विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय से ऐसे अपराधियों तक पहुंचना आसान हो रहा है।








