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भारतीय पायलट स्मित मच्छार अब दुनिया के हीरो, पीएम मोदी, ट्रंप और नेतन्याहू सहित मीडिया जगत ने की प्रशंसा

Opinion: भारतीय पायलट स्मित मच्छार अब दुनिया के हीरो, पीएम मोदी, ट्रंप और नेतन्याहू सहित मीडिया जगत ने की प्रशंसा
Opinion: भारतीय पायलट स्मित मच्छार अब दुनिया के हीरो, पीएम मोदी, ट्रंप और नेतन्याहू सहित मीडिया जगत ने की प्रशंसा
Opinion: दुनिया के इतिहास में बहुत से ऐसे आक्रांता हुए हैं, जिन्होंने दूसरे मुल्कों को लूटने के मकसद से जमकर रक्तपात किया। उनकी सेनाओं ने मासूम बच्चों और महिलाओं तक को बड़ी बेरहमी से कत्ल किया। हालांकि आक्रांताओं की कौमें उनके बाहुबल की गाथाएं गाने को आजाद हैं,  लेकिन सही मायनों में बहादुर तो वही है, जो अपनी जान की परवाह किये बिना दूसरे को बचाने की चिंता करे। भारतीय पायलट स्मित मच्छार (Smit Machchhar) ने भी यही किया। यही वजह है कि आज दुनियाभर में उनकी प्रशंसा हो रही है। विश्व के जाने-माने नेता मुक्त कंठ से उनकी सूझबूझ और बहादुरी की सराहना कर रहे हैं। राजनेता ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के मीडिया में उनकी जय-जयकार हो रही है। भारत में तो लोग उनके जल्दी स्वस्थ होने के लिए धार्मिक अनुष्ठान और प्रार्थनाएं तक कर रहे हैं। 

धैर्य, साहस और सूझबूझ की अनूठी मिसाल

भारतीय पायलट कैप्टन मच्छार ने सूझबूझ और बहादुरी का परिचय न दिया होता, तो कुछ ही क्षणों में 174 जिंदगियां कालकवलित हो गई होती। उनके साहस और धैर्य की जितनी भी प्रशंसा की जाय कम है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट जब 33,000 फीट की ऊंचाई पर थी, तो ओमान के को-पायलट ने प्लेन का कंट्रोल अपने हाथों में लेने के मकसद से भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमले शुरु कर दिये, वह हमला करता रहा, उसने कैप्टन को बुरी तरह जख्मी और खून से लथपथ भी कर दिया, मगर वे जरा भी विचलित नहीं हुए।इस बीच विमान 33,000 फीट की ऊंचाई से 17,000 फीट नीचे भी आ गया, लेकिन कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और उन्होंने विमान को क्रैश नहीं होने दिया और न ही उन गलत हाथों में जाने दिया, जिनका मकसद बेहद खतरनाक था। 

Opinion: क्यों प्रशंसा कर रहे हैं दुनिया के बड़े नेता?

दुनिया के बड़े नेता कैप्टन मच्छार की प्रशंसा कर रहे हैं, हैं तो इसके खास मायने हैं। संदेह जताया जा रहा है कि ओमान का को-पायलट इसलिए विमान को अपने कब्जे में लेना चाहता था कि  9/11  जैसे हमलों को अंजाम दिया जा सके। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस ओर खुलकर इशारा किया है। उन्होंने पायलट मच्छार को ‘सच्चा हीरो’ बताते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ  से 174 लोगों की जानें बची और एक बड़ा हादसा टल गया। नेतन्याहू ने कहा कि भारतीय पायलट ने न सिर्फ हादसे को टाला, बल्कि  ‘9/11’ जैसी भयंकर तबाही से भी बचा लिया।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कैप्टन स्मित ऐसे हीरो हैं, जिन्होंने  संकट के समय में असाधारण सूझबूझ का परिचय दिया। ट्रंप ने भी संदेह जताया है कि ओमान का को-पायलट आतंकी हो सकता है। भारतीय में तो बहादुरी के सम्मान की पंरपरा ही रही है, तो फिर भला पीएम मोदी क्यों पीछे रहते।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार हीरो हैं। उन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जिस बहादुरी, धैर्य और साहस के साथ यात्रियों की जानें बचाई, वह हर देशवासी के लिए गर्व का विषय है।

Opinion: धैर्य, साहस और सूझबूझ की अनूठी मिसाल

पायलट स्मित मच्छार आज मीडिया जगत में छाये हुए हैं।यूके की प्रमुख समाचार एजेंसी  रॉयटर्स (Reuters), न्यूज़ीलैंड की न्यूज वेबसाइट आरएनजेड, न्यूजीलैंड हेरल्ड, अमेरिकी समाचार चैनल CNN जैसे तमाम प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने भारतीय पायलट की प्रशंसा की है। मीडिया संस्थानों ने लिखा है कि गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बाद भी कैप्टन स्मित ने हार नहीं मानी। कैप्टन ने संकट की घड़ी में धैर्य और सूझबूझ का परिचय देकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने वाले रिलीज सिस्टम को सक्रिय किया, जिससे समय रहते क्रू और यात्रियों को अंदर आने का मौका मिला और विमान को सुरक्षित बचाया जा सका। भारतीय मीडिया में भी कैप्टन मच्छार की बहादुरी की खबरें चल रही हैं। कैप्टन मच्छार वास्तव में इस प्रशंसा के हकदार हैं। जो अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाए, वह तो दिलों में बस जाता है। आखिर धैर्य, साहस और सूझबूझ की इससे अनूठी मिसाल भला और क्या हो सकती है?