Ramlila Maidan rally: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस दावे पर कि प्रदेश की वोटर लिस्ट से 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम गायब हैं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री को यह आंकड़ा कहां से मिला और इसके पीछे क्या आधार है? अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इतने लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं तो मुख्यमंत्री को भी रामलीला मैदान आना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली के रामलीला मैदान में SIR के विरोध में INDIA ब्लॉक की रैली आयोजित की जा रही है। अखिलेश यादव भी इस रैली में शामिल हुए और मतदाता सूची के मुद्दे पर भाजपा तथा चुनाव आयोग को घेरा।
योगी ने क्या दावा किया था?
दरअसल, शुक्रवार को लखनऊ में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हैं।
योगी ने कहा था कि प्रदेश में पंचायत मतदाता सूची में दर्ज करीब 66 लाख लोगों के नाम विधानसभा की मतदाता सूची में नहीं हैं। इसके अलावा सरकारी योजनाओं के लगभग 55 लाख लाभार्थियों और 18 से 19 वर्ष की उम्र के करीब 4.5 लाख युवाओं के नाम भी मतदाता सूची में नहीं होने की बात कही।मुख्यमंत्री के मुताबिक, जनसंख्या के आंकड़ों के हिसाब से उत्तर प्रदेश में 16 करोड़ से अधिक मतदाता होने चाहिए, जबकि मौजूदा मतदाता संख्या करीब 13 करोड़ है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर अभियान चलाकर पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की अपील की थी।
Ramlila Maidan rally: अखिलेश यादव ने पूछा- मुख्यमंत्री को आंकड़ा कहां से मिला?
योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि उनके पास 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम गायब होने की जानकारी कहां से आई। यह आंकड़ा किसने दिया और इसका आधार क्या है, यह सबके सामने आना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह बात एमएलसी चुनाव में हार के बाद याद आई है। उन्होंने भाजपा के ‘डबल इंजन’ नारे पर तंज कसते हुए कहा कि अब सरकार ‘डबल जीरो’ हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हार स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग से संपर्क कर दोबारा मतगणना कराई गई।

‘अगर इतने वोट गायब हैं तो मुख्यमंत्री भी रामलीला मैदान आएं’
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री खुद बता रहे हैं कि 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं, तो सरकार दूसरों पर किस बात का आरोप लगा रही है? उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य आंकड़ा नहीं है, जिसका स्रोत बताए बिना दावा कर दिया जाए। सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार लाखों सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के नाम भी मतदाता सूची में नहीं होने की बात कर रही है। ऐसे में इन लोगों को भी रामलीला मैदान आना चाहिए। अखिलेश के मुताबिक, यह आंदोलन अन्याय और झूठे वादों के खिलाफ है।
Ramlila Maidan rally: SIR को लेकर जारी है सियासी टकराव
उत्तर प्रदेश में SIR और मतदाता सूची को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को अभियान चलाने को कहा है, वहीं अखिलेश यादव ने उनके दावे के स्रोत और आधार पर सवाल उठाए हैं।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में SIR के बाद 2.04 करोड़ से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए गए और 84 लाख से ज्यादा नए मतदाता जोड़े गए। अंतिम मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 13,39,84,792 बताई गई है। हालांकि, ये आंकड़े कुल नामों के हटने और जुड़ने से संबंधित हैं। इन्हें योगी के 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम गायब होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं माना जा सकता। अब इस मुद्दे पर सियासी बहस का केंद्र मुख्यमंत्री के दावे का आधार और मतदाता सूची में कथित रूप से छूटे पात्र मतदाताओं के नाम शामिल कराने की प्रक्रिया बन गई है।
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