Ranchi Protest: रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। विधानसभा घेराव के लिए निकले प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच झड़प के बाद पुलिस ने वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने बैरिकेडिंग के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग किया, जबकि पुलिस का कहना है कि भीड़ के एक हिस्से ने बैरिकेड तोड़े और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया।
विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज
प्रदर्शनकारी छात्रों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। छात्रों के बैरिकेड पार करने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने पहले वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और इसके बाद लाठीचार्ज तथा आंसू गैस के गोले छोड़े। एक प्रदर्शनकारी छात्र ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सिर, हाथ और चेहरे समेत शरीर के कई हिस्सों पर लाठियां बरसाईं। वहीं, रांची सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि ज्यादातर छात्र शांत थे, लेकिन भीड़ का एक हिस्सा किसी की बात नहीं मान रहा था। उनके मुताबिक, बैरिकेडिंग तोड़ने और पुलिसकर्मियों को धक्का लगने के बावजूद पुलिस ने काफी संयम बरता।
Ranchi Protest: देवेंद्र महतो बोले- आंदोलन अब जनआंदोलन
नौ दिनों से भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में पहुंचे। उन्होंने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया और कहा कि आंदोलन रुकने वाला नहीं है। महतो ने कहा कि सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन छात्रों की मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने सरकार से कहा कि पुलिस के बल प्रयोग से छात्रों की आवाज नहीं दबाई जा सकती।
JPSC के पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर भी सियासत
इसी बीच JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते की CID द्वारा गिरफ्तारी ने मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने गिरफ्तारी को महज दिखावा बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आशंका जताई कि बिना चार्जशीट के आरोपी को डिफॉल्ट बेल मिल सकती है। वहीं, छात्रों की मांगों में भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई प्रमुख है। आंदोलन के बीच सरकार और अभ्यर्थियों के बीच गतिरोध बना हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या ठोस कदम उठाती है।
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