Recurring Constipation: कब्ज की समस्या को अक्सर लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोग इसे कम पानी पीने या खानपान की गड़बड़ी का नतीजा समझते हैं और घरेलू उपाय अपनाने लगते हैं। हालांकि, अगर कब्ज कई हफ्तों तक लगातार बनी रहे और इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। दिल्ली के आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट एवं डायरेक्टर (गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थैरेप्यूटिक एंडोस्कोपी) डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, बार-बार होने वाली कब्ज की समस्या में डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच करानी चाहिए।
Recurring Constipation: कब माना जाता है कब्ज-
डॉ. मल्होत्रा के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति सप्ताह में तीन बार से कम मल त्याग करता है, मल बहुत सख्त आता है, शौच के दौरान ज्यादा जोर लगाना पड़ता है या पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास होता है, तो इसे कब्ज माना जाता है।
Recurring Constipation: कब्ज के पीछे हो सकती हैं ये 5 बीमारियां-
1. हाइपोथायरॉयडिज्म-
थायरॉयड हार्मोन कम बनने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे आंतों की गति भी कम हो सकती है और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।
इन लक्षणों पर भी ध्यान दें:
लगातार थकान
वजन बढ़ना
ज्यादा ठंड लगना
ड्राई स्किन
बाल झड़ना
2. डायबिटीज-
डायबिटीज का असर पाचन तंत्र को नियंत्रित करने वाली नसों पर पड़ सकता है। इससे आंतों की कार्यप्रणाली धीमी हो जाती है और कब्ज, गैस व पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
साथ में दिख सकते हैं ये लक्षण:
बार-बार प्यास लगना
बार-बार पेशाब आना
धुंधला दिखाई देना
बिना वजह वजन घटना
3. इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS)-
IBS से पीड़ित लोगों में कब्ज, दस्त या दोनों समस्याएं बारी-बारी से हो सकती हैं।
संकेत:
पेट दर्द
गैस और पेट फूलना
शौच के बाद भी पेट साफ न होने का एहसास
4. बड़ी आंत (कोलोरेक्टल) का कैंसर-
हर कब्ज कैंसर का संकेत नहीं होती, लेकिन 45 वर्ष से अधिक उम्र, परिवार में कैंसर की हिस्ट्री और लंबे समय तक कब्ज के साथ कुछ लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
चेतावनी वाले लक्षण:
मल में खून आना
तेजी से वजन घटना
लगातार पेट दर्द
मल का आकार पतला होना
बार-बार पेट साफ न होने का एहसास
एनीमिया
5. पार्किंसन और अन्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियां-
पार्किंसन रोग, मल्टीपल स्क्लेरोसिस और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कुछ बीमारियों में भी कब्ज शुरुआती लक्षणों में शामिल हो सकती है।
रिसर्च क्या कहती है-
Cleveland Clinic के अनुसार, बार-बार कब्ज का संबंध हाइपोथायरॉयडिज्म, डायबिटीज, IBS, आंतों में रुकावट और कोलोरेक्टल कैंसर जैसी स्थितियों से हो सकता है। वहीं StatPearls Publishing के मुताबिक, IBS, हाइपोथायरॉयडिज्म, पार्किंसन रोग, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं और कोलोरेक्टल कैंसर भी कब्ज के संभावित कारण हो सकते हैं।
कब्ज से बचाव के आसान उपाय
रोज 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं।
भोजन में हरी सब्जियां, फल, सलाद, दालें और साबुत अनाज शामिल करें।
फाइबर युक्त डाइट लें।
रोज कम से कम 30 मिनट टहलें या व्यायाम करें।
टॉयलेट जाने की इच्छा को न रोकें।
देर रात तक जागने से बचें।
योग, प्राणायाम और मेडिटेशन से तनाव कम करें।
डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक कब्ज की दवाएं न लें।
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