7 साल बाद भारत पहुंच रहा ईरानी तेल, बढ़ती कीमतों के बीच बड़ी राहत

मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 4 अप्रैल को वाडिनार पोर्ट पर पहुंचने वाला यह टैंकर सिर्फ एक खेप नहीं, बल्कि भारत-ईरान ऊर्जा संबंधों की नई शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।

शेयर बाजार में भूचाल, हफ्ते की शुरुआत भारी गिरावट के साथ

हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी झटकेदार रही। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

युद्ध की आंच से धड़ाम हुआ बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। दिनभर दबाव में रहने के बाद बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज उछाल ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। गुरुवार को इसकी कीमत करीब 6.75% बढ़कर 114.8 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।

रूस तेल पर अमेरिका की अस्थायी ढील: जंग के बीच 30 दिन की छूट, कच्चा तेल 101 डॉलर पार

ईरान जंग के बीच 101 डॉलर पार पहुंचा कच्चा तेल

ईरान और इजराइल तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका ने रूस के पहले से ट्रांजिट में मौजूद तेल पर अस्थायी छूट दी है। वहीं होर्मुज जलमार्ग पर गतिविधियां रुकने से वैश्विक सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच LPG और तेल सप्लाई पर सरकार का भरोसा, बोली– घबराने की जरूरत नहीं

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच देश में एलपीजी और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में इस समय भारत के कुल 28 जहाज मौजूद हैं।

मिडिल ईस्ट टेंशन का बाजार पर असर, सोना-चांदी में बड़ी तेजी के संकेत

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और इजरायल–ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध ने ग्लोबल मार्केट में हलचल तेज कर दी है। तनाव का असर सिर्फ सोना-चांदी तक सीमित नहीं है। कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिल सकता है।