अमेरिका ने ईरान को पहले ही किया था अलर्ट: इजराइल अराघची और गालिबाफ को बना सकता था निशाना

अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले बड़ा खुलासा

अमेरिका और ईरान की बातचीत के दौरान संभावित हमले की आशंका सामने आई। खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले ईरान में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पाकिस्तान ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को विशेष सुरक्षा दी, जबकि परमाणु नीति और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी तनाव बढ़ गया है।

PM Modi नहीं जाएंगे अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में, भारत की ओर से जाएंगे दो प्रतिनिधि

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल नहीं होंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को ईरान पर हुए इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद उनके बेटे मोजतबा अली खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया।

सऊदी अरामको का हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार, 14 लोगों की मौत

सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, रविवार को रास तनुरा में सऊदी अरामको का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई। सऊदी अरामको कई दशकों से अपने औद्योगिक और ऑफशोर ऑपरेशनों के लिए विमानों का इस्तेमाल करती आ रही है।

क्या ईरान अपने परमाणु ठिकानों के दरवाजे खोलेगा? IAEA की तैयारी, लेकिन तेहरान ने रखी बड़ी शर्त

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए अंतरिम समझौते (MoU) को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होती दिखाई दे रही है। इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ईरान के परमाणु कार्यक्रम की अंतरराष्ट्रीय निगरानी है। फिलहाल दोनों पक्षों के बयान यह संकेत देते हैं कि बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। IAEA निरीक्षण को लेकर दबाव बना रहा है, जबकि ईरान प्रतिबंधों में राहत को प्राथमिक शर्त मान रहा है।

PM मोदी को ईरान से मिला, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। लंबे समय तक चले तनाव और संघर्ष के बाद ईरान और अमेरिका के बीच शांति बहाली की दिशा में बातचीत जारी है। दोनों देशों के नेताओं द्वारा अलग-अलग समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

ईरान-अमेरिका वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हुए अधिकारी, पाकिस्तान के गृह मंत्री भी पहुंचे तेहरान

ईरान-अमेरिका वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हुए अधिकारी, पाकिस्तान के गृह मंत्री भी पहुंचे तेहरान, ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें तेज हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्विट्जरलैंड में होने वाली बातचीत ईरान-अमेरिका संबंधों की दिशा तय कर सकती है।

Hormuz Strait फिर बंद, ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर लगाया वादा तोड़ने का आरोप

मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को ऐलान किया कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को एक बार फिर बंद कर दिया गया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस व्यापार मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

G-7 Summit में मोदी-ट्रंप की अहम मुलाकात, ट्रेड डील से लेकर पश्चिम एशिया संकट तक कई मुद्दों पर हुई चर्चा

फ्रांस के एवियन शहर में चल रहे G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष निमंत्रण पर G-7 सम्मेलन में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा वैश्विक कूटनीति और भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ट्रंप का बड़ा ऐलान: अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुला, तेल व्यापार को मिलेगी राहत

पिछले 107 दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और सैन्य संघर्ष को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने से अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति सामान्य होगी और वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव कम पड़ सकता है।

ट्रंप का बड़ा ऐलान, ईरान के तेल ठिकानों पर कब्जे की चेतावनी, होर्मुज स्ट्रेट बंद

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। करीब दो महीने पहले हुआ सीजफायर अब टूट चुका है और दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने पूरे मिडिल ईस्ट को चिंता में डाल दिया है। खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।