अमेरिका में युद्ध का असर: NASA बजट में बड़ी कटौती, रक्षा खर्च में भारी उछाल
अमेरिका में बढ़ते सैन्य खर्च का असर अब दूसरे अहम सेक्टर पर भी दिखने लगा है। ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि युद्ध के समय सैन्य खर्च को प्राथमिकता देना जरूरी है।
अमेरिका में बढ़ते सैन्य खर्च का असर अब दूसरे अहम सेक्टर पर भी दिखने लगा है। ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि युद्ध के समय सैन्य खर्च को प्राथमिकता देना जरूरी है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। पुल पर हमले, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते संकट और ईरान के सख्त बयान से संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा। भारत ने शांति और बातचीत की अपील की है।
वॉक्स-डी-सर्ने, फ्रांस: Marco Rubio शुक्रवार को फ्रांस में G7 देशों के विदेश मंत्रियों से मिले। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब Donald Trump ने NATO देशों पर ईरान युद्ध में साथ न देने को लेकर तीखी नाराजगी जताई है। रूबियो ने कहा कि जो देश अंतरराष्ट्रीय कानून में विश्वास रखते हैं, उन्हें ईरान की जहाजरानी से जुड़ी धमकियों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।
व्लादिमीर पुतिन ने ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुतिन ने कहा कि मौजूदा हालात कोरोना महामारी से भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। पुतिन ने बिना नाम लिए अमेरिका की नीतियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस युद्ध ने दुनिया को गहरी अनिश्चितता में धकेल दिया है।
पीट हेगसेथ ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध और “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों ने इस ऑपरेशन में अमेरिका का समर्थन किया है, जिससे क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त मिली है।
Iran और Israel के बीच जारी युद्ध के बीच United States के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump का एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। ट्रंप का यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ और ज्यादा आक्रामक रुख अपना सकता है।
Iran और Israel के बीच जारी युद्ध और United States की भागीदारी के बीच भारत ने मानवीय पहल करते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत की ओर से ईरान के लोगों के लिए पहली चिकित्सा सहायता की खेप भेजी गई है। दूतावास ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि यदि वे मदद करना चाहते हैं, तो केवल आधिकारिक बैंक खाते के जरिए ही दान करें।
ईरान और इजराइल के बीच युद्ध का 19वां दिन जारी है। इजराइल ने नए सुप्रीम लीडर को निशाना बनाया, ईरान ने कई ठिकानों पर मिसाइल हमला किया, अमेरिका ने बम गिराए और NATO ने हस्तक्षेप से इनकार किया।
अमेरिका खुद एक सुपरपावर है, लेकिन उसकी ताकत कई गुना बढ़ जाती है जब उसके साथ NATO के 32 देशों का गठबंधन खड़ा होता है। जर्मनी के इस बयान को कई विश्लेषक एक अहम संकेत के तौर पर देख रहे हैं। इसका मतलब यह माना जा रहा है कि अगर नाटो के किसी सदस्य देश पर कोई बाहरी देश हमला करता है, तो सभी सदस्य मिलकर उसकी रक्षा करेंगे।
ईरान युद्ध के बीच सऊदी अरब के एयरबेस पर अमेरिकी टैंकर विमानों के नष्ट होने की खबर है। वहीं ईरान के नए सर्वोच्च नेता के गंभीर रूप से घायल होने का दावा भी सामने आया है। इसी दौरान भारत का रसोई गैस ले जाने वाला जहाज सुरक्षित होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया।