ध्रुव राठी को लंदन में प्रदर्शन से क्या मिलेगा? भारत को समझें तो अच्छा होगा
Opinion: राजनीति में मुद्दों पर सहमति-असहमति और विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला सतत चला आ रहा है। लोकतंत्र में विपक्षी दलों, संगठनों या हर नागरिक को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन इसमें थोड़ा संयम भी बरतना पड़ता है। राष्ट्र का जिम्मेदार नागरिक होने के नाते अपने देश में कितना ही विरोध-प्रदर्शन किया जाए, कोई हर्ज … Read more