ध्रुव राठी को लंदन में प्रदर्शन से क्या मिलेगा? भारत को समझें तो अच्छा होगा

Opinion: ध्रुव राठी को लंदन में प्रदर्शन से क्या मिलेगा? भारत को समझें तो अच्छा होगा

Opinion: राजनीति में मुद्दों पर सहमति-असहमति और विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला सतत चला आ रहा है। लोकतंत्र में विपक्षी दलों, संगठनों या हर नागरिक को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन इसमें थोड़ा संयम भी बरतना पड़ता है। राष्ट्र का जिम्मेदार नागरिक होने के नाते अपने देश में कितना ही विरोध-प्रदर्शन किया जाए, कोई हर्ज … Read more

Opinion: भारत को बांग्लादेश न समझें; यहां अराजकता और हिंसा नहीं, लोकतांत्रिक तरीके से ही बदलेगी सत्ता

Opinion: भारत को बांग्लादेश न समझें; यहां अराजकता और हिंसा नहीं, लोकतांत्रिक तरीके से ही बदलेगी सत्ता

Opinion: भारत दुनिया का एक सशक्त लोकतांत्रिक देश है।यहां न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं में जनता का दृढ़ विश्वास है।यहां जनता सरकार से किसी विषय पर असहमति की दशा में संविधान और कानून के दायरे में लोकतांत्रिक तरीके से संवाद कर सकती है।जनता के पास शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के विकल्प हैं।इसके बावजूद यदि कोई सत्ता परिवर्तन के लिए बांग्लादेश की तर्ज … Read more

राहुल गांधी, विरोध-प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट की फटकार, चिंतन का विषय है ये…

Opinion: राहुल गांधी, विरोध-प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट की फटकार, चिंतन का विषय है ये...

Opinion: राजनीति में अपनी बात को जोरदार ढंग से कहने के बहुत से तरीके हैं। राजनेताओं से संयम के साथ अपनी बात कहने की अपेक्षा की जाती है। आम आदमी की भूल को किसी हद तक नजरंदाज किया जा सकता है, लेकिन विपक्ष के नेता में तो लोग ‘छाया प्रधानमंत्री’ (Shadow Prime Minister) की छवि … Read more

Opinion: कॉकरोच की ओछी हरकत और केजरीवाल, तिरंगे की आड़ में अराजकता क्यों? 

Opinion: कॉकरोच की ओछी हरकत और केजरीवाल, तिरंगे की आड़ में अराजकता क्यों? 

Opinion: देश के कुछ विपक्षी नेता बेचैन हैं कि जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने वाले कॉकरोच को हिरासत में क्यों लिया गया।दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तो यहां तक दलील दी है कि उन्हें तिरंगा फहराने पर जेल भेजा जाना गलत है।ठीक है कि राष्ट्र ध्वज को फहराने का अधिकार सबको है, लेकिन क्या राष्ट्र ध्वज की आड़ में … Read more

झूठ के पैर नहीं होते; अभिजीत दीपके, दिल्ली पुलिस और वीडियो

झूठ के पैर नहीं होते; अभिजीत दीपके, दिल्ली पुलिस और वीडियो

Opinion: भारत एक ऐसा देश है जहां वैदिक-पौराणिक काल से अपनों के तो क्या शत्रु के अंतिम संस्कार में भी शामिल होने की परंपरा चली आ रही है। महाभारत युद्ध में दोनों पक्षों की सेनाएं एक-दूसरे के प्राण हरने को आतुर रहती थी, लेकिन जब किसी सैनिक की मौत होती थी, तो उसके अंतिम संस्कार में शामिल होना दोनों पक्षों … Read more

कॉकरोच की अराजकता, जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन की जिद क्यों? 

Opinion: कॉकरोच की अराजकता, जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन की जिद क्यों? 

Opinion: लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन का सबको अधिकार है।भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1) (ए) राष्ट्र के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध-प्रदर्शन का मौलिक अधिकार प्रदान करता है, लेकिन विरोध-प्रदर्शन के नाम पर अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कदापि बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नेताओं के आचरण से तो यही लगता … Read more

Opinion: विरोध-प्रदर्शन के नाम पर अराजकता और अभद्रता, पुलिस को लात मारने, वर्दी फाड़ने और गाली-गलौज का क्या मतलब?

विरोध-प्रदर्शन के नाम पर अराजकता और अभद्रता क्यों?

Opinion: राजधानी दिल्ली में इस बीच हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने जो आचरण दिखाया, वह बड़ा हैरान करने वाला है। प्रदर्शनों के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ जो अभद्रता, गाली-गलौज और हाथापाई की गई, वह बेहद निराशाजनक है। कितनी दुखद बात है कि एक कांस्टेबल जो कि प्रदर्शन के दौरान अपना दायित्व निभा … Read more

नाना पाटेकर: सिनेमा ही नहीं, असल जिंदगी के भी हीरो; जीने की बेहतर कला सिखाकर चले गए…

Opinion: नाना पाटेकर: सिनेमा ही नहीं, असल जिंदगी के भी हीरो

Opinion: जीवन के लिए भौतिक संसाधनों की आवश्यकता होती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति अपना पूरा जीवन भौतिक संसाधनों को जुटाने की होड़ में ही गंवा दे? भले ही कोई व्यक्ति करोड़ों-अरबों रुपए की संपत्ति कमा ले, एक के बजाय कई घर बना ले, लेकिन व्यावहारिक दृष्टि से सोचें तो एक व्यक्ति … Read more

Opinion: राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, कोई GEN-Z नहीं

Opinion: राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, कोई ZEN-G नहीं

Opinion: भारत दुनिया का एक बड़ा लोकतांत्रिक देश है। लोकतंत्र में विपक्ष के नेता (Leader of the Opposition) का बहुत बड़ा महत्व होता है। उसे ‘छाया प्रधानमंत्री’ (Shadow Prime Minister) के तौर पर देखा जाता है। जनहित के मुद्दों पर उससे सदैव रचनात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा रहती है। अपेक्षाओं पर खरा उतरने के बाद … Read more

राहुल गांधी की परेशानियां, INDIA गठबंधन को एकजुट करें या कांग्रेस का कुनबा संभालें?

Opinion: राहुल गांधी की परेशानियां, INDIA गठबंधन को एकजुट करें या कांग्रेस का कुनबा संभालें ?

Opinion: एक राजनेता की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि वह कैसे विषम से विषम परिस्थितियों में भी अपने साथियों को एकजुट रख सकता है। नेतृत्व को समझना होता है कि वह मुद्दों पर संघर्ष की रणनीति तय करने में सहयोगियों को कैसे विश्वास में ले? विडंबना ही है कि … Read more