कॉकरोच विकल्प क्यों नहीं देना चाहते, कांग्रेस और केजरीवाल को लेकर क्या राय है?

Opinion: कॉकरोच विकल्प क्यों नहीं देना चाहते, कांग्रेस और केजरीवाल को लेकर क्या राय है?

Opinion: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी के नेता देश के युवाओं को दिशा देने और व्यवस्था में सुधार की बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन समझ में नहीं आता है कि जब … Read more

विपक्षी दल और कॉकरोच क्या चाहते हैं, CEC ज्ञानेश कुमार के बहाने क्या है उनकी रणनीति?

Opinion: विपक्षी दल और कॉकरोच क्या चाहते हैं, CEC ज्ञानेश कुमार के बहाने क्या है उनकी रणनीति?

Opinion: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC ) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दल और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नामक संगठन भलीभांति जानते हैं कि वे कितने भी धरने-प्रदर्शन क्यों न कर लें, मुख्य चुनाव आयुक्त न तो इस्तीफा देंगे और न उन्हें पद से हटाया जा सकता है।सरकार मुख्य चुनाव … Read more

भारतीय पायलट स्मित मच्छार अब दुनिया के हीरो, पीएम मोदी, ट्रंप और नेतन्याहू सहित मीडिया जगत ने की प्रशंसा

Opinion: भारतीय पायलट स्मित मच्छार अब दुनिया के हीरो, पीएम मोदी, ट्रंप और नेतन्याहू सहित मीडिया जगत ने की प्रशंसा

Opinion: दुनिया के इतिहास में बहुत से ऐसे आक्रांता हुए हैं, जिन्होंने दूसरे मुल्कों को लूटने के मकसद से जमकर रक्तपात किया। उनकी सेनाओं ने मासूम बच्चों और महिलाओं तक को बड़ी बेरहमी से कत्ल किया। हालांकि आक्रांताओं की कौमें उनके बाहुबल की गाथाएं गाने को आजाद हैं,  लेकिन सही मायनों में बहादुर तो वही … Read more

Opinion: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को लेकर नेतन्याहू का खुलासा, दुनिया के लिए चिंताजनक क्यों?

Opinion: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को लेकर नेतन्याहू का खुलासा, दुनिया के लिए चिंताजनक क्यों?

Opinion: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई विमान की घटना को आतंकवादी कृत्य बताया है। यदि यह सच है, तो वास्तव में यह ऐसा घिनौना कृत्य है जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। समझा जा सकता है कि घटना को अंजाम देने वाले के दिल में इंसानियत के खिलाफ किस कदर कट्टरता … Read more

राहुल गांधी विचार करें, SIR पर DMK साथ क्यों नहीं, कैसे मजबूत होगा INDIA ब्लॉक ?

Opinion: एक अच्छे राजनेता को हर स्थिति में धैर्य रखना होता है। यह धैर्य राजनेता की रणनीतिक समझ, दूरदृष्टि और आत्मबल का परिचय देता है। यही कारण है कि कई बार बड़े धैर्य का परिचय देते हुए भविष्य की बड़ी लड़ाई लड़ने के लिेए वर्तमान की छोटी लड़ाइयों को छोड़ देना ही उचित होता है। … Read more

पीएम मोदी के आह्वान का ‘मर्म’, कैसे बेहतर समझ सकते हैं भाजपा कार्यकर्ता?

Opinion: पीएम मोदी के आह्वान का 'मर्म', कैसे बेहतर समझ सकते हैं भाजपा कार्यकर्ता?

Opinion: भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110 वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे वोट बैंक की राजनीति के बजाय सामाजिक सुधार और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए काम करें। ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ जैसे सिद्धांतों के प्रतिपादक पंडित दीनयाल उपाध्याय की जयंती पर इस आह्वान के गहरे मायने … Read more

‘वोट चोरी’ का राग अलापना है, तो ठोस ढंग से क्यों नहीं…?  

Opinion: 'वोट चोरी' का राग अलापना है, तो ठोस ढंग से क्यों नहीं...?  

Opinion: विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी एक बार फिर ‘वोट चोरी’ का राग गाने लगी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी जो तेवर दिखा रहे हैं, उससे तो यही लगता है कि कांग्रेस यूपी, उत्तराखंड, पंजाब आदि राज्यों के विधानसभा चुनावों और यहां तक कि आगामी लोकसभा चुनाव में भी इस राग को अलापने के मूड में … Read more

राजस्थान हाईकोर्ट का स्वागतयोग्य फैसला, धोखेबाज को मिला कड़ा सबक

Opinion: राजस्थान हाईकोर्ट का स्वागतयोग्य फैसला, धोखेबाज को मिला कड़ा सबक

Opinion: सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पीएन भगवती को जनता का न्यायाधीश कहा जाता था, तो इसके खास मायने थे। हालांकि जनता के न्यायाधीश तो सभी हैं, सभी जनहित में फैसले देते हैं, लेकिन कई बार माननीय न्यायाधीश ऐसे उल्लेखनीय काम कर देते हैं, या ऐसे अहम फैसले सुना देते हैं कि जनता में … Read more

5000 Km दूर खामेनेई के लिए आंसू और सिर्फ 500 M दूर सूर्या के लिए खामोशी? वायरल वीडियो ने छेड़ दी बड़ी बहस

सोशल मीडिया पर एक वीडियो और तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। एक तरफ एक महिला कथित तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को लेकर भावुक होकर रोती दिखाई देती है और कहती है कि “हमारे खामेनेई को धोखे से मार दिया गया।” वायरल पोस्ट और वीडियो के जरिए यही संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि समाज के कुछ वर्गों में संवेदनाएं और आक्रोश भी चुनिंदा मुद्दों के लिए ही दिखाई देते हैं।