आरबीआई ने प्लास्टिक नोट वाले वायरल दावे की हवा निकाली: 30 जून 2026 को कागजी नोट बंद है फ़र्ज़ी खबर

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मैसेज खूब दौड़ रहा है – “30 जून 2026 से कागजी नोटों को बंद कर देगा, अब सिर्फ प्लास्टिक वाले नोट चलेंगे!” सुनकर कई लोग घबरा भी गए कि कहीं उनके पास रखे नोट बेकार न हो जाएं। तो फिलहाल आपकी जेब में रखे 10, 20, 50, 100, 200, 500, 2000 के नोट बिल्कुल सुरक्षित हैं। इन्हें बदलने या टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।

500 रुपये के नकली नोटों ने बढ़ाई चिंता, RBI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा; जानिए कितने फर्जी नोट पकड़े गए

देश में नकली नोटों का कारोबार एक बार फिर चिंता का विषय बनता जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ताजा वार्षिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले एक साल के दौरान बैंकिंग सिस्टम में 2.29 लाख से ज्यादा नकली नोट पकड़े गए। RBI की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि नोटों की मांग कम होने से उनकी छपाई पर होने वाला खर्च घटा है। वर्ष 2025-26 में नोट छापने पर 4,875 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि एक साल पहले यह खर्च 6,379 करोड़ रुपये था।

पहली बार 1 डॉलर के मुकाबले 96 के पार पहुंचा रुपया, बढ़ी चिंता

भारतीय रुपया शुक्रवार को रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। पहली बार 1 डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के स्तर से नीचे चला गया, जिससे बाजार में हलचल बढ़ गई है। बाजार जानकारों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

देश में करेंसी 40 लाख करोड़ के करीब, डिजिटल लेनदेन और बैंकिंग मजबूती बढ़ी

करेंसी सर्कुलेशन और डिजिटल पेमेंट बढ़त

जनवरी 2026 तक भारत में करेंसी सर्कुलेशन रिकॉर्ड 40 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहे हैं, बैंकिंग प्रणाली मजबूत हो रही है और कैश-टू-GDP घटकर 11% हुआ है।

हैदराबाद के निज़ाम की 173 दुर्लभ ज्वेलरी फिर चर्चा में

हैदराबाद के निज़ाम की 173 दुर्लभ ज्वेलरी एक बार फिर सुर्खियों में है। केंद्र की मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि निकट भविष्य में इन आभूषणों की कोई प्रदर्शनी लगाने की योजना नहीं है।

डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर: भारत-US ट्रेड डील की अनिश्चितता से बढ़ी करेंसी की गिरावट

शुरुआती कारोबार में दबाव: रुपया 90.56 पर फिसला

शुक्रवार, 12 दिसंबर को रुपया डॉलर के मुकाबले 90.56 पर पहुँच गया। भारत-US ट्रेड डील की अनिश्चितता, लगातार विदेशी निवेशक निकासी और इंपोर्टर्स की भारी डॉलर खरीदारी ने रुपये पर दबाव बढ़ाया। हालांकि RBI के दखल से गिरावट को कुछ हद तक रोका गया। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में ट्रेड डील के नतीजे और ग्लोबल मार्केट की गतिविधियां रुपये की दिशा तय करेंगी।