Cockroach Is Back: सोशल मीडिया पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी नाम का डिजिटल आंदोलन जबरदस्त सुर्खियां बटोर रहा है। इस नाम से जुड़े अकाउंट और उससे पैदा हुई सियासी हलचल ने अचानक लोगों का ध्यान उस छोटे से जीव की ओर खींच दिया है, जिसे आमतौर पर लोग घरों की गंदगी से जोड़कर देखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही कॉकरोच दुनिया के सबसे ताकतवर और जीवट जीवों में गिना जाता है? वैज्ञानिक तो इसे ऐसा जीव मानते हैं, जो बेहद कठिन हालात में भी खुद को जिंदा रखने की क्षमता रखता है।
200 दिन की जिंदगी… लेकिन 400 बच्चों का कुनबा!
कॉकरोच की दुनिया में सबसे ज्यादा खतरनाक और तेजी से फैलने वाली प्रजाति जर्मन कॉकरोच मानी जाती है। इसकी एक मादा कॉकरोच महज 100 से 200 दिनों तक जिंदा रहती है, लेकिन इतने कम समय में ही वह 200 से 400 तक बच्चे पैदा कर देती है। यही वजह है कि एक बार अगर किसी घर या इलाके में कॉकरोच पनप जाएं, तो उन्हें खत्म करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
मादा कॉकरोच अपने जीवनकाल में चार से आठ अंडों के कैप्सूल तैयार करती है। वैज्ञानिक भाषा में इन्हें “ऊथेका” कहा जाता है। सबसे हैरानी की बात यह है कि एक ही कैप्सूल में 30 से 40 अंडे मौजूद होते हैं। यही कारण है कि इनकी आबादी कुछ ही दिनों में कई गुना बढ़ जाती है।
Cockroach Is Back: 28 दिन में तैयार नई फौज
जर्मन कॉकरोच के अंडे महज 28 दिनों में फूट जाते हैं। इन अंडों से निकलने वाले छोटे-छोटे बच्चे बेहद तेजी से बड़े होते हैं और कुछ ही समय में खुद प्रजनन करने लगते हैं। यही वजह है कि कॉकरोच दुनिया के लगभग हर कोने में फैल चुके हैं।जर्मन प्रजाति के अलावा अमेरिकन और ओरिएंटल कॉकरोच भी बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। अमेरिकन कॉकरोच करीब एक साल तक जीवित रहता है और अपने जीवन में लगभग 150 से 200 बच्चे पैदा करता है। वहीं ओरिएंटल कॉकरोच, जो अक्सर नमी और गंदगी वाले इलाकों में दिखते हैं, लगभग 180 दिनों तक जीवित रहते हैं और 125 से 130 बच्चों तक का कुनबा तैयार कर लेते हैं।
Cockroach Is Back: कट जाए सिर… फिर भी कई दिनों तक जिंदा!
कॉकरोच को अमर जीव कहे जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण उसकी अविश्वसनीय जीवित रहने की क्षमता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक अगर कॉकरोच का सिर भी कट जाए, तब भी वह कई दिनों तक जिंदा रह सकता है। सुनने में यह भले फिल्मी लगे, लेकिन इसके पीछे बेहद दिलचस्प विज्ञान छिपा है।दरअसल, कॉकरोच इंसानों की तरह नाक से सांस नहीं लेते। उनके शरीर में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं, जिन्हें स्पाइरैकल कहा जाता है। इन्हीं छिद्रों के जरिए हवा सीधे शरीर में पहुंचती रहती है। इसलिए सिर कटने के बाद भी उन्हें सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं होती। आखिरकार वे सिर्फ भूख और पानी की कमी की वजह से मरते हैं।
बिना खाना-पानी के भी जिंदा रहने का मास्टर
कॉकरोच ठंडे खून वाले यानी “कोल्ड ब्लडेड” जीव होते हैं। इसका मतलब यह है कि उन्हें शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा ऊर्जा की जरूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि वे बेहद कम संसाधनों में भी लंबे समय तक जिंदा रह सकते हैं।एक कॉकरोच बिना पानी पिए लगभग एक हफ्ते तक जीवित रह सकता है। इतना ही नहीं, अगर उसे खाना न मिले तो भी वह करीब एक महीने तक आराम से जिंदा रह सकता है। यही जीवटता उसे दुनिया के सबसे कठिन हालात में भी बचाए रखती है।
Cockroach Is Back: 900 गुना दबाव और रेडिएशन भी बेअसर
कॉकरोच की ताकत सिर्फ उसके प्रजनन तक सीमित नहीं है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह जीव अपने वजन से लगभग 900 गुना ज्यादा दबाव सह सकता है। यही कारण है कि पैर पड़ने या भारी चीज गिरने के बाद भी कई बार कॉकरोच बच निकलता है।इतना ही नहीं, कॉकरोच पर रेडिएशन का असर भी बेहद कम होता है। माना जाता है कि परमाणु विस्फोट जैसी स्थिति में भी यह जीव लंबे समय तक जिंदा रह सकता है। शायद यही वजह है कि इसे धरती का सबसे जिद्दी और अमर जीव कहा जाता है।
छोटा सा कीड़ा… लेकिन विज्ञान के लिए बड़ा रहस्य
घरों में दिखने वाला यह मामूली जीव दरअसल प्रकृति की सबसे अनोखी रचनाओं में से एक है। तेजी से बढ़ती आबादी, अद्भुत सहनशक्ति, भूख-प्यास में भी जीवित रहने की क्षमता और कटे सिर के बाद भी कई दिनों तक जिंदा रहने की ताकत… यही सब बातें कॉकरोच को बाकी जीवों से अलग बनाती हैं।शायद इसी वजह से सोशल मीडिया पर Cockroach Is Back सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि उस जीव की प्रतीकात्मक पहचान बन चुका है… जिसे खत्म करना लगभग नामुमकिन माना जाता है।
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