Rahul Gandhi: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए विवादित बयान पर देशभर में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा नेताओं के बाद अब अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने भी राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने राहुल गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
हिंदू महासभा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने राहुल गांधी के बयान को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद लगातार इस तरह के बयान देकर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने रायबरेली की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया है। शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है और जल्द ही इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी किस आधार पर देश के सर्वोच्च नेतृत्व के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करते हैं।
Rahul Gandhi: राहुल गांधी के बयान पर बढ़ा राजनीतिक विवाद
हिंदू महासभा के प्रवक्ता ने कहा कि पूरा देश प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का सम्मान करता है, लेकिन राहुल गांधी लगातार उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में भी भारत सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ बयान देकर देश की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान बिना किसी तथ्य और आधार के दिए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। संगठन ने राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग की है।
रायबरेली की सभा में दिया था विवादित बयान
दरअसल, राहुल गांधी ने रायबरेली में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि देश में आर्थिक संकट आने वाला है और सरकार जनता को बचा नहीं पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संविधान को कमजोर किया है और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर जनता से गलत वादे किए गए। राहुल गांधी के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं और कई संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अब हिंदू महासभा द्वारा एफआईआर की मांग किए जाने के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
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