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UP Election 2027: मिशन हैट्रिक के लिए एक्शन मोड में CM योगी, ताबड़तोड़ दौरों के साथ विकास पर बड़ा दांव

UP Election 2027: मिशन हैट्रिक के लिए एक्शन मोड में CM योगी, ताबड़तोड़ दौरों के साथ विकास पर बड़ा दांव
UP Election 2027: मिशन हैट्रिक के लिए एक्शन मोड में CM योगी, ताबड़तोड़ दौरों के साथ विकास पर बड़ा दांव

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव का औपचारिक बिगुल भले ही अभी नहीं बजा हो, लेकिन सियासी जमीन पर चुनावी हलचल तेज होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बीजेपी की लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पिछले तीन महीनों में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 43 अलग-अलग जिलों का दौरा किया और इस दौरान करीब 36,877 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।मुख्यमंत्री के लगातार हो रहे जिलों के दौरों को विकास कार्यों को रफ्तार देने के साथ ही 2027 की चुनावी तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। एक तरफ योगी सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास परियोजनाओं को जनता के बीच लेकर जा रही है, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अपनी जनसभाओं में विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर लगातार हमले कर रहे हैं।

तीन महीने में 43 जिलों तक पहुंचे सीएम योगी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मई, जून और जुलाई के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 43 अलग-अलग जिलों का दौरा कर जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ाई है। इनमें सात जिले ऐसे रहे, जहां मुख्यमंत्री एक से अधिक बार पहुंचे।वाराणसी मुख्यमंत्री के दौरों के लिहाज से सबसे प्रमुख रहा। पिछले तीन महीनों के दौरान योगी आदित्यनाथ चार बार वाराणसी पहुंचे। वहीं देवरिया, बिजनौर, प्रयागराज, अयोध्या, कुशीनगर और गाजियाबाद का उन्होंने दो-दो बार दौरा किया।मई में गोरखपुर, प्रयागराज और सहारनपुर जैसे जिलों से शुरू हुआ मुख्यमंत्री के दौरों का सिलसिला जून और जुलाई में भी जारी रहा। इस दौरान वह नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, झांसी, मैनपुरी, गोंडा और श्रावस्ती समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे। मुख्यमंत्री की सक्रियता पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक दिखाई दी।

UP Election 2027:₹36,877 करोड़ की परियोजनाओं से विकास का संदेश

इन दौरों के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में करीब 36,877 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। सरकार की कोशिश इन परियोजनाओं के जरिए बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को गति देने के साथ जनता तक अपनी उपलब्धियों का संदेश पहुंचाने की है।मुख्यमंत्री अपनी जनसभाओं में सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार के कामकाज का उल्लेख कर रहे हैं। उनका दावा है कि उत्तर प्रदेश की पहचान बदली है और राज्य निवेशकों के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में उभरा है।

UP Election 2027:विकास के साथ विपक्ष पर सियासी प्रहार

मुख्यमंत्री के इन दौरों में विकास परियोजनाओं के साथ सियासी संदेश भी साफ दिखाई दे रहा है। योगी आदित्यनाथ अपनी जनसभाओं में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को लगातार निशाने पर ले रहे हैं। वह पूर्व की सरकारों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर मौजूदा बीजेपी सरकार के कामकाज की तुलना विपक्षी दलों से कर रहे हैं।सीएम योगी सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी लगातार राजनीतिक हमले कर रहे हैं। हिंदुत्व से लेकर विकास और कानून-व्यवस्था तक के मुद्दों के जरिए मुख्यमंत्री विपक्ष को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही वह मतदाताओं को सपा शासनकाल की याद दिलाते हुए बीजेपी सरकार की उपलब्धियां सामने रख रहे हैं।

पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक चुनावी जमीन मजबूत करने की कवायद

मुख्यमंत्री के दौरों की भौगोलिक तस्वीर भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, कुशीनगर और देवरिया जैसे पूर्वांचल के जिलों के साथ प्रयागराज, झांसी, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बिजनौर, सहारनपुर, गाजियाबाद और नोएडा जैसे क्षेत्रों में उनकी सक्रियता बताती है कि बीजेपी चुनाव से काफी पहले प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी जमीन मजबूत करने की कवायद में जुटी है।खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम केवल सरकारी परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए वह सीधे जनता से संवाद कर रहे हैं और सरकार की उपलब्धियों को चुनावी संदेश के रूप में पेश कर रहे हैं।

UP Election 2027:2027 से पहले ‘विकास और हिंदुत्व’ की रणनीति पर फोकस

उत्तर प्रदेश की सत्ता में लगातार तीसरी बार वापसी बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती होगी। ऐसे में चुनाव से पहले सरकार विकास परियोजनाओं को जमीन पर उतारने और अपने राजनीतिक एजेंडे को धार देने में जुटी दिखाई दे रही है।पिछले तीन महीनों में 43 जिलों का दौरा और 36,877 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास इसी सक्रियता का संकेत है। आने वाले महीनों में मुख्यमंत्री के जिलों के दौरे और तेज होने की संभावना है। ऐसे में 2027 के औपचारिक चुनावी बिगुल से पहले ही उत्तर प्रदेश में विकास, हिंदुत्व, कानून-व्यवस्था और विपक्ष के पिछले कार्यकाल को लेकर सियासी मुकाबला तेज होता नजर आ रहा है।

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