US-IRAN TALK: मार्को रूबियो ने कहा है कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल देता है, तो अमेरिका उसके परमाणु कार्यक्रम पर “बहुत गंभीर बातचीत” करने के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि वॉशिंगटन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ सकता है और ऐसा अंतरिम समझौता भी स्वीकार कर सकता है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा तुरंत पूरी तरह हल न हो।
‘72 घंटे में परमाणु समझौता संभव नहीं’
नई दिल्ली दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में मार्को रूबियो(Marco Rubio) ने कहा, “72 घंटों में किसी कागज पर जल्दी-जल्दी परमाणु समझौता नहीं किया जा सकता।” उन्होंने कहा कि सबसे पहले होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोला जाना चाहिए। इसके बाद तय नियमों के तहत यूरेनियम संवर्धन, अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम और ईरान की परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता पर गंभीर बातचीत होगी।
US-IRAN TALK: ट्रंप प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
रुबियो ने संकेत दिया कि अगर अगले दो महीनों में बातचीत किसी नतीजे तक नहीं पहुंची, तो अमेरिका फिर से सैन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प(Donald trump) का रुख स्पष्ट है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता। रुबियो के मुताबिक, “जब तक डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति हैं, ईरान परमाणु हथियार नहीं रख पाएगा।”
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नई योजना
अमेरिकी विदेश मंत्री ने बताया कि अमेरिका और खाड़ी क्षेत्र के उसके सहयोगी ऐसे प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं, जिससे होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहे और वहां किसी तरह का टोल न लिया जाए। हालांकि उन्होंने कहा कि इसके लिए ईरान की सहमति और पूरी तरह अमल जरूरी होगा।
US-IRAN TALK: चरणबद्ध समझौते पर उठ रहे सवाल
अब तक अमेरिका और ईरान ने किसी संभावित समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। कई आलोचकों का मानना है कि चरणबद्ध समझौता आगे की वार्ताओं में अमेरिकी प्रशासन की पकड़ कमजोर कर सकता है। बावजूद इसके, अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि बातचीत का रास्ता अभी खुला हुआ है।
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