आपकी रसोई में बचा हुआ तेल कितना सही ? जानिए किचेन एक्सपर्ट्स की राय-

 Cooking Tips:

Cooking Tips: रसोई में तली हुई चीजें अक्सर बनाई जाती हैं। ऐसे में फ्राई करने के बाद कढ़ाई में काफी मात्रा में तेल बच जाता है। कई लोग इस तेल को दोबारा इस्तेमाल करने से बचते हैं और फेंक देते हैं, जबकि कुछ लोग बिना साफ किए बार-बार उसी तेल का उपयोग कर लेते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों ही तरीके सही नहीं माने जाते। किचन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि तेल केवल एक बार इस्तेमाल हुआ है और वह अधिक जला हुआ नहीं है, तो उसे अच्छी तरह छानकर सीमित मात्रा में दोबारा उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Cooking Tips: तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें-

– पूड़ी या अन्य चीजें तलने के तुरंत बाद तेल को छानने की गलती न करें।
– पहले तेल को सामान्य तापमान तक ठंडा होने दें।
– गर्म तेल को संभालना खतरनाक हो सकता है।
– ठंडा होने पर उसमें मौजूद कण नीचे बैठ जाते हैं।
– यह प्रक्रिया तेल को साफ करने का पहला और जरूरी कदम है।

Cooking Tips: तेल की गंध और रंग जरूर जांचें-

– यदि तेल से तेज जली हुई गंध आ रही हो, तो उसका दोबारा उपयोग न करें।
– बहुत गहरा भूरा या काला पड़ चुका तेल फेंक देना चाहिए।
– यदि तेल से धुआं निकल रहा हो, तो उसे इस्तेमाल करने से बचें।
– खराब तेल का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
– इसलिए इस्तेमाल से पहले तेल की गुणवत्ता जरूर जांच लें।

एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें-

– छाने हुए तेल को साफ और सूखे कंटेनर में रखें।
– हमेशा एयरटाइट ढक्कन वाले बर्तन का इस्तेमाल करें।
– तेल को नमी, धूप और अधिक गर्मी से दूर रखें।
– इससे तेल की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है।
– सही स्टोरेज तेल को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

इस बात का रखे विशेष ध्यान-

बचे हुए तेल का उपयोग केवल हल्की फ्राइंग या सामान्य पकाने में ही करें। एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है।इस संस्करण में भाषा अधिक स्वाभाविक, व्याकरण की दृष्टि से सही और न्यूज़/हेल्थ आर्टिकल के अनुसार पेशेवर बनाई गई है

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Written By – ANUSHKA

पेट खराब होने पर मूंग दाल का सेवन क्यों है जरूरी? जानिए इसके फायदे

 Stomach Care Tips:

Stomach Care Tips: पेट खराब होना अब एक आम समस्या है । अपच , दस्त जैसी दिक्कतें लोगों के साथ होती रहती है । पेट खराब होने के कई कारण हैं जैसे लाइफस्टाइल सही न होना , बाहर का ज्यादा खाना । ऐसे में पेट को हेल्दी रखने के लिए लोग मूंग दाल को सबसे बेहतर विकल्प माना गया है। हालांकि, यदि पेट की समस्या लंबे समय तक बनी रहे या तेज बुखार, खून की शिकायत या लगातार उल्टी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। आइए जानते हैं कि पेट खराब होने पर मूंग दाल खाने के पीछे क्या वजह है और इसे किस तरह खाना सबसे फायदेमंद हो सकता है।
आइए इसके फायदे जानते हैं।

Stomach Care Tips: आसानी से पच जाती है-

मूंग दाल को सबसे हल्की दालों में से एक माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट शरीर द्वारा अपेक्षाकृत आसानी से पचाए जा सकते हैं। जब पेट खराब होता है, तब पाचन तंत्र पहले से ही संवेदनशील होता है। ऐसे में भारी या अधिक मसालेदार भोजन करने से समस्या बढ़ सकती है। मूंग दाल पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालती और पाचन प्रक्रिया को सहज बनाए रखने में मदद करती है।

Stomach Care Tips: प्रोटीन का स्रोत-

दस्त, उल्टी या लंबे समय तक पेट खराब रहने पर शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे समय में शरीर को रिकवरी के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है। मूंग दाल पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जो शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और मांसपेशियों को ऊर्जा देने में मदद करता है।

पेट को आराम देती है-

पेट खराब होने पर सादा और हल्का भोजन करना सबसे बेहतर माना जाता है। मूंग दाल की पतली दाल या मूंग दाल की खिचड़ी न केवल आसानी से पचती है, बल्कि पेट को आराम भी पहुंचाती है। इसमें अधिक तेल और मसाले न होने के कारण पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। मूंग दाल सबसे बेहतर खाद्य पदार्थ है जब आपका पेट किसी समस्या में हो। इससे हमारे पेट को आराम मिलता है

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Written by – ANUSHKA 

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विश्व कप 2027 में करें आईसीसी ने बदलाव, टी-20 विश्व कप भी बदलावी लिस्ट में शामिल

World Cup 2027:

World Cup 2027: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने वर्ल्ड कप 2027 के फॉर्मेट में अहम बदलाव किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में पहले कहा जा रहा था कि टूर्नामेंट में 12 टीमें हिस्सा लेंगी, लेकिन आईसीसी ने इन रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वर्ल्ड कप 2027 में कुल 14 टीमें भाग लेंगी।

World Cup 2027: तीन राउंड में खेला जाएगा वर्ल्ड कप 2027-

एडिनबर्ग में हुई आईसीसी की जनरल मीटिंग के बाद परिषद ने बताया कि वर्ल्ड कप 2027 के फॉर्मेट में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। आईसीसी के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे में होने वाला वर्ल्ड कप 2027 तीन राउंड में खेला जाएगा।

World Cup 2027: क्या है तीन राउंड की प्रक्रिया-

वर्ल्ड कप 2027 तीन चरणों में आयोजित होगा। पहले राउंड में रैंकिंग में 11वें, 12वें और 13वें स्थान पर रहने वाली टीमें सुपर सीरीज़ खेलेंगी। इस सीरीज़ में शीर्ष पर रहने वाली टीम दूसरे राउंड के लिए क्वालिफाई करेगी। दूसरे राउंड में 14 टीमों को दो ग्रुपों में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुपों से टॉप-3 टीमें तीसरे राउंड यानी सुपर 6/सुपर 7 चरण में पहुंचेंगी। इसके बाद राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में मुकाबले होंगे और टॉप-4 टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी।

टी20 विश्व कप में भी किए अहम बदलाव-

आईसीसी ने वर्ल्ड कप 2027 के अलावा टी20 विश्व कप के फॉर्मेट में भी बदलाव किए हैं। 2018 में भारत और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले टी20 विश्व कप (जैसा आपके ड्राफ्ट में लिखा है) में सुपर-8 की जगह अब सुपर-10 फॉर्मेट अपनाया जाएगा।

तीन देशों की मेजबानी में होगा वर्ल्ड कप 2027-

आईसीसी वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे की संयुक्त मेजबानी में होगा। टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर 2027 के दौरान खेला जाएगा। खास बात यह है कि पहली बार आईसीसी इस तरह के मल्टी-नेशन होस्टिंग फॉर्मेट के साथ वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन करेगा, जिससे टूर्नामेंट के और भी रोमांचक होने की उम्मीद है

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ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को ट्रैक करने के लिए अपनाई नई साइबर रणनीति, डेटा रोमिंग और SS7 तकनीक का इस्तेमाल

 Iran US Cyber War:

Iran US Cyber War: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच साइबर जंग भी तेज होती नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी हैकर्स ने मिडिल ईस्ट के पुराने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियों का फायदा उठाकर अमेरिकी सैनिकों और सैन्य कॉन्ट्रैक्टर्स के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश की है।

Iran US Cyber War: SS7 पिंग के जरिए लोकेशन ट्रैक करने का दावा-

मोबाइल सर्विलांस मॉनिटर की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट के टेलीकॉम नेटवर्क पर बड़ी संख्या में SS7 पिंग भेजे गए। यह एक साइलेंट नेटवर्क रिक्वेस्ट होती है, जिसके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि कोई मोबाइल फोन एक्टिव है या नहीं और वह किस क्षेत्र में रोमिंग कर रहा है।

Iran US Cyber War: साइबर रिसर्चर्स ने जताई चिंता-

संस्था के संस्थापक और साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर गैरी मिलर ने दावा किया कि यह गतिविधि किसी संगठित साइबर ऑपरेशन की ओर इशारा करती है। वहीं, रिपोर्ट के अनुसार कुछ ट्रैकिंग प्रयासों का संबंध एक ईरानी मोबाइल ऑपरेटर से भी जोड़ा गया है।

Iran US Cyber War: युद्ध के दौरान बढ़ी साइबर गतिविधियां-

बताया गया कि यह गतिविधियां उस समय सामने आईं जब अमेरिका और इजरायल, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी किए थे।

कमर्शियल लोकेशन डेटा भी बना चिंता का विषय-

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मार्टफोन के Advertising ID और कमर्शियल लोकेशन डेटा का इस्तेमाल कर किसी खास डिवाइस की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। अमेरिकी सांसदों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।

CENTCOM ने सुरक्षा उपायों का किया दावा-

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कांग्रेस को बताया कि उसे दुश्मन देशों द्वारा कमर्शियल लोकेशन डेटा के जरिए सैनिकों को निशाना बनाने की आशंका से जुड़ी कई रिपोर्ट मिली हैं। हालांकि, सेना ने कहा कि सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए गए हैं, जिनका खुलासा सार्वजनिक रूप से नहीं किया जा सकता

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