वेट लॉस ड्रग्स और हेयर फॉल: क्या पतले होने की होड़ में गंवानी पड़ रही हैं जुल्फें? जानिए विशेषज्ञों का नजरिया

वेट लॉस दवा से क्यों झड़ रहे बाल?

वेट लॉस के लिए इस्तेमाल होने वाली GLP-1 दवाओं के बाद बाल झड़ने की शिकायतें बढ़ रही हैं। जानिए क्या दवा इसकी वजह है या तेजी से वजन घटना, और विशेषज्ञ इस समस्या से बचने के लिए क्या सलाह देते हैं।

बुखार को वायरल समझने की गलती मत करना, यह लक्षण चीख-चीख कर कह रहे हैं कि यह डेंगू है

बुखार को हल्के में लेना पड़ सकता भारी

बरसात में आने वाले हर बुखार को वायरल मानना खतरनाक हो सकता है। डेंगू के शुरुआती लक्षण वायरल से अलग होते हैं। जानिए किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, कब जांच करानी चाहिए और डेंगू से बचाव के आसान लेकिन जरूरी उपाय।

इंसान कितने दिन तक बिना खाए रह सकता है? डॉक्टर ने बताया भूख के समय शरीर कहां से लाता है एनर्जी

बिना खाए इंसान कितने दिन जिंदा रहेगा?

बिना खाना खाए शरीर पहले ग्लाइकोजन, फिर फैट और अंत में प्रोटीन से एनर्जी लेता है। डॉक्टर के अनुसार, पानी मिलने पर इंसान 40 से 50 दिन तक जीवित रह सकता है। जानिए भूख के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव।

टाइप 1 या टाइप 2, इन दोनों में से कौन-सी डायबिटीज ज्यादा खतरनाक है?

कौन-सी डायबिटीज में ज्यादा खतरा है?

टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज के बीच का अंतर, इनके जोखिम, लक्षण और इलाज को लेकर लोगों में कई सवाल होते हैं। जानिए डॉक्टर के अनुसार कौन-सी डायबिटीज ज्यादा खतरनाक मानी जाती है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के सबसे प्रभावी तरीके।

अस्थमा से राहत पाने के लिए अपनाएँ ये सरल और प्राकृतिक आयुर्वेदिक तरीके

अस्थमा में राहत दिलाएंगे ये उपाय

दमा या ब्रोंकियल अस्थमा की समस्या के लिए प्राकृतिक दमा उपचार के आसान उपाय जानें। खान-पान, आयुर्वेदिक नुस्खे, जीवनशैली सुधार और सावधानियों से सांस की समस्या कम करने में मदद मिले।

मानसून में निमोनिया से बचकर रहें! यह शुरुआती संकेत हो सकते हैं खतरनाक

मानसून में निमोनिया के शुरुआती लक्षण

मानसून में नमी और मौसम में बदलाव के कारण निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। इस लेख में निमोनिया के शुरुआती लक्षण, किन लोगों को ज्यादा जोखिम है, बच्चों में दिखने वाले संकेत और बरसात के मौसम में बचाव के जरूरी उपाय आसान भाषा में बताए गए हैं।

आपकी रसोई में बचा हुआ तेल कितना सही ? जानिए किचेन एक्सपर्ट्स की राय-

 Cooking Tips:

Cooking Tips: रसोई में तली हुई चीजें अक्सर बनाई जाती हैं। ऐसे में फ्राई करने के बाद कढ़ाई में काफी मात्रा में तेल बच जाता है। कई लोग इस तेल को दोबारा इस्तेमाल करने से बचते हैं और फेंक देते हैं, जबकि कुछ लोग बिना साफ किए बार-बार उसी तेल का उपयोग कर लेते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों ही तरीके सही नहीं माने जाते। किचन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि तेल केवल एक बार इस्तेमाल हुआ है और वह अधिक जला हुआ नहीं है, तो उसे अच्छी तरह छानकर सीमित मात्रा में दोबारा उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Cooking Tips: तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें-

– पूड़ी या अन्य चीजें तलने के तुरंत बाद तेल को छानने की गलती न करें।
– पहले तेल को सामान्य तापमान तक ठंडा होने दें।
– गर्म तेल को संभालना खतरनाक हो सकता है।
– ठंडा होने पर उसमें मौजूद कण नीचे बैठ जाते हैं।
– यह प्रक्रिया तेल को साफ करने का पहला और जरूरी कदम है।

Cooking Tips: तेल की गंध और रंग जरूर जांचें-

– यदि तेल से तेज जली हुई गंध आ रही हो, तो उसका दोबारा उपयोग न करें।
– बहुत गहरा भूरा या काला पड़ चुका तेल फेंक देना चाहिए।
– यदि तेल से धुआं निकल रहा हो, तो उसे इस्तेमाल करने से बचें।
– खराब तेल का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
– इसलिए इस्तेमाल से पहले तेल की गुणवत्ता जरूर जांच लें।

एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें-

– छाने हुए तेल को साफ और सूखे कंटेनर में रखें।
– हमेशा एयरटाइट ढक्कन वाले बर्तन का इस्तेमाल करें।
– तेल को नमी, धूप और अधिक गर्मी से दूर रखें।
– इससे तेल की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है।
– सही स्टोरेज तेल को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

इस बात का रखे विशेष ध्यान-

बचे हुए तेल का उपयोग केवल हल्की फ्राइंग या सामान्य पकाने में ही करें। एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है।इस संस्करण में भाषा अधिक स्वाभाविक, व्याकरण की दृष्टि से सही और न्यूज़/हेल्थ आर्टिकल के अनुसार पेशेवर बनाई गई है

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Written By – ANUSHKA

शरीर में दिख रही है गांठ? इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, जानें कब हो सकता है कैंसर का खतरा

शरीर में गांठ कब बन सकती है कैंसर का संकेत?

शरीर में हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन कुछ संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। जानें किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए, कौन-कौन सी जांच की जाती है और समय पर इलाज क्यों जरूरी है।

भीषण गर्मी और नौतपा का कहर जारी: तेज धूप और लू से बढ़ा खतरा, विशेषज्ञों की जरूरी सलाह पर ध्यान दें

भीषण गर्मी और नौतपा का असर

देश में भीषण गर्मी का असर बढ़ गया है और नौतपा शुरू हो चुका है। इस दौरान तापमान चरम पर रहता है जिससे लू और निर्जलीकरण का खतरा बढ़ता है। विशेषज्ञ सावधानी, पर्याप्त पानी, हल्का भोजन और धूप से बचाव की सलाह देते हैं।

बीमारी आने से पहले शरीर करता है आगाह, पहचानें शुरुआती लक्षण और बचें गंभीर खतरे से

गर्मी के मौसम में शरीर पहले ही कई चेतावनी संकेत देता है जैसे ज्यादा पसीना, चक्कर और प्यास लगना। इन संकेतों को समय पर पहचानकर सही सावधानी अपनाने से हीट स्ट्रोक और अन्य गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है और स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है।