दांत चमकाने के बाद क्यों होती है झनझनाहट? जानिए वजह और बचाव के तरीके

Teeth Whitening Sensitivity:

Teeth Whitening Sensitivity: सफेद और चमकदार दांत हर किसी को पसंद होते हैं। यही वजह है कि आजकल टीथ व्हाइटनिंग एक लोकप्रिय डेंटल ट्रीटमेंट बन गया है। हालांकि, कई लोगों को व्हाइटनिंग के बाद ठंडा पानी, आइसक्रीम, गर्म चाय या मीठी-खट्टी चीजें खाते-पीते समय दांतों में तेज झनझनाहट महसूस होने लगती है। कुछ मामलों में यह सामान्य और अस्थायी हो सकती है, लेकिन लगातार दर्द या ज्यादा संवेदनशीलता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Teeth Whitening Sensitivity: व्हाइटनिंग के बाद दांतों में झनझनाहट क्यों होती है-

देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट और डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के अनुसार, टीथ व्हाइटनिंग में ब्लीचिंग एजेंट का इस्तेमाल किया जाता है। ये एजेंट दांतों के अंदर मौजूद रंग पैदा करने वाले अणुओं को तोड़कर दांतों का रंग हल्का करने में मदद करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान ब्लीचिंग पदार्थ दांत की बाहरी परत इनेमल से होकर अंदर की परत तक पहुंच सकता है। इसके कारण कुछ समय के लिए दांतों की संवेदनशीलता बढ़ सकती है। ऐसे में ठंडा, गर्म, मीठा या खट्टा खाने-पीने पर करंट जैसी झनझनाहट महसूस हो सकती है।

पहले से सेंसिटिव दांतों में ज्यादा परेशानी-

जिन लोगों के दांत पहले से संवेदनशील होते हैं, उनमें व्हाइटनिंग के बाद परेशानी अधिक महसूस हो सकती है। इसके अलावा इनेमल का घिसना, मसूड़ों का पीछे हटना या दांतों में मौजूद छोटी दरारें भी सेंसिटिविटी बढ़ा सकती हैं। अगर किसी दांत में कैविटी या दूसरी डेंटल समस्या है, तो व्हाइटनिंग कराने से पहले उसकी जांच कराना जरूरी है। बिना डेंटिस्ट की सलाह के बार-बार व्हाइटनिंग किट या तेज ब्लीचिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है।

Teeth Whitening Sensitivity: ब्लीचिंग एजेंट की ज्यादा सांद्रता से बढ़ सकती है संवेदनशीलता-

साल 2021 में Acta Stomatologica Croatica में प्रकाशित एक स्टडी में अलग-अलग सांद्रता वाले व्हाइटनिंग एजेंट के प्रभाव का अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि ब्लीचिंग एजेंट की concentration का दांतों की संवेदनशीलता और रंग में बदलाव पर असर पड़ सकता है। स्टडी में 40% हाइड्रोजन पेरोक्साइड से अधिक झनझनाहट देखी गई, जबकि कम सांद्रता वाले 10% कार्बेमाइड पेरोक्साइड से संवेदनशीलता कम रही। हालांकि, किसी व्यक्ति के लिए कौन-सा व्हाइटनिंग तरीका सही है, इसका फैसला दांतों की स्थिति देखकर डेंटिस्ट की सलाह से ही किया जाना चाहिए।

क्या ज्यादा व्हाइटनिंग से दांत खराब हो सकते हैं-

डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के अनुसार, बार-बार या जरूरत से ज्यादा टीथ व्हाइटनिंग कराने से दांतों की सेंसिटिविटी बढ़ सकती है। बिना एक्सपर्ट की सलाह के ज्यादा ब्लीचिंग प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से मसूड़ों में जलन और दांतों में असहजता भी हो सकती है। दांतों का प्राकृतिक रंग पूरी तरह सफेद होना जरूरी नहीं है। इसलिए केवल ज्यादा चमक पाने के लिए बार-बार व्हाइटनिंग कराने के बजाय डेंटिस्ट से सुरक्षित विकल्प के बारे में सलाह लेना बेहतर है।

झनझनाहट कम करने के लिए क्या करें-

व्हाइटनिंग के बाद हल्की सेंसिटिविटी महसूस होने पर कुछ सावधानियां राहत दे सकती हैं।

– कुछ समय तक बहुत ठंडी और बहुत गर्म चीजों से बचें।
– सेंसिटिव दांतों के लिए बने टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें।
– मुलायम ब्रिसल वाले टूथब्रश से हल्के हाथों से ब्रश करें।
– ब्रश करते समय ज्यादा दबाव न डालें।
– व्हाइटनिंग के तुरंत बाद ज्यादा खट्टी चीजें और ड्रिंक लेने से बचें।

कब डेंटिस्ट को दिखाना जरूरी है-

अगर झनझनाहट हल्की है और धीरे-धीरे कम हो रही है, तो यह अस्थायी हो सकती है। लेकिन अगर सेंसिटिविटी बहुत ज्यादा है, कई दिनों तक बनी रहती है या बिना किसी वजह के दर्द होता है, तो डेंटिस्ट से जांच कराना जरूरी है। खासकर किसी एक दांत में लगातार तेज दर्द, मसूड़ों में ज्यादा जलन या सूजन और सफेद धब्बे दिखाई देने पर विशेषज्ञ की सलाह लें। कभी-कभी व्हाइटनिंग के बाद होने वाला दर्द केवल सेंसिटिविटी नहीं, बल्कि कैविटी, दांत में क्रैक या मसूड़ों की समस्या का संकेत भी हो सकता है।

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आर्यन जूयाल और रिंकू सिंह ने सेंट्रल ज़ोन को दिलाया 266 रनों का सम्मानजनक स्कोर

Duleep Trophy 2026:

Duleep Trophy 2026: दिलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए सेंट्रल ज़ोन ने 266 रन 10 विकेट के नुकसान पर बना लिए हैं। इस सम्मानजनक स्कोर को हासिल करने में आर्यन जूयाल और रिंकू सिंह ने अहम भूमिका निभाई है। दोनों बल्लेबाजों की विस्फोटक पारियों के बदौलत ही सेंट्रल ज़ोन 266 रन तक पहुंच सकी है।

Duleep Trophy 2026: आर्यन जूयाल ने खेली 46 रनों की पारी-

सेंट्रल ज़ोन की तरफ से आर्यन जूयाल ने कमाल की बल्लेबाजी की है। 40.1 के स्ट्राइक रेट से 113 गेंदों में विकेटकीपर बल्लेबाज आर्यन जूयाल ने 46 रनों की पारी खेली। अर्धशतक की ओर बढ़ रहे आर्यन जूयाल मुकेश कुमार की गेंद पर आउट हो गए। उनका कैच विकेटकीपर कुमार कुशाग्र ने लिया। टीम ने जोरदार अपील की, लेकिन अंपायर ने इस अपील को खारिज कर दिया। फिर कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने DRS लिया, जो सफल रहा। DRS के सफल होने पर वैभव खुशी से उछल पड़े।

Duleep Trophy 2026: वैभव की खुशी का ठिकाना नहीं-

आर्यन जूयाल के खिलाफ लिया गया DRS सफल होने के बाद वैभव सूर्यवंशी बेहद खुश नजर आए। गेंद के बल्ले से लगने की पुष्टि होते ही वैभव ने जमकर जश्न मनाया।

रिंकू सिंह ने खेली अर्धशतकीय पारी-

सेंट्रल ज़ोन के स्कोरकार्ड पर नजर डालें तो रिंकू सिंह ही एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने सेंट्रल ज़ोन की तरफ से अर्धशतक लगाया है। रिंकू ने 88 गेंदों में 60 रनों की शानदार पारी खेली। इस पारी में रिंकू ने 8 चौके लगाए।

दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन-

ईस्ट ज़ोन प्लेइंग इलेवन: अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, विराट सिंह, ईशान किशन, शाहबाज अहमद, अनुकूल रॉय, मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार और अभिजीत के सरकार। सेंट्रल ज़ोन प्लेइंग इलेवन: आयुष पांडे, आर्यन जूयाल, यश राठौड़, रजत पाटीदार, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, सारांश जैन, अरशद खान, जीशान अंसारी, यश ठाकुर और आर्यन पांडे।

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Vaibhav Sooryavanshi Captaincy: भारत के सुपरस्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आए दिन सुर्खियों में आ रहे हैं। वैभव सूर्यवंशी दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट ज़ोन की कप्तानी कर रहे हैं। हमेशा वैभव को बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था, लेकिन अपनी कप्तानी में सफल DRS (डीआरएस) लेकर वैभव ने सभी को हैरान कर दिया है।

Vaibhav Sooryavanshi Captaincy: वैभव ने लिया सफल DRS-

सेंट्रल ज़ोन 99-3 के स्कोर पर एक नाजुक स्थिति में था। सेट बल्लेबाज आर्यन जूयाल, जो 46 रन की पारी पर अर्धशतक के काफी करीब थे, उन्होंने मुकेश कुमार की गेंद पर ड्राइव लगाने की सोची। लेकिन गेंद बल्ले के बाहरी किनारे से टकराकर विकेटकीपर कुमार कुशाग्र के हाथों में चली गई। टीम ने जोरदार अपील की, जिसे अंपायर ने खारिज करके नॉट आउट दिया। तभी कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने DRS लिया, जिसकी मदद से टीम के खाते में एक और विकेट जुड़ गया।

Vaibhav Sooryavanshi Captaincy: वैभव हुए खुशी से पागल-

40वें ओवर की पहली गेंद पर आर्य ने ड्राइव खेलने की कोशिश की, जिसकी वजह से गेंद बल्ले के मोटे किनारे को छूकर विकेटकीपर कुमार कुशाग्र के दस्तानों में चली गई। टीम ने जोरदार अपील की, पर अंपायर ने नॉट आउट दे दिया। कप्तान सूर्यवंशी ने आत्मविश्वास से DRS लिया, जो सफल रहा। जैसे ही DRS में गेंद बल्ले को छूती हुई दिखाई दी, वैभव खुशी से चिल्लाने लगे।

कप्तानी में लिया पहला सफल रिव्यू-

दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन-

ईस्ट ज़ोन प्लेइंग इलेवन: ईस्ट ज़ोन की प्लेइंग इलेवन में अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, विराट सिंह, ईशान किशन, शाहबाज अहमद, अनुकूल रॉय, मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार और अभिजीत के सरकार शामिल हैं।

सेंट्रल ज़ोन प्लेइंग इलेवन: सेंट्रल ज़ोन की प्लेइंग इलेवन में आयुष पांडे, आर्यन जूयाल, यश राठौड़, रजत पाटीदार, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, सारांश जैन, अरशद खान, जीशान अंसारी, यश ठाकुर और आर्यन पांडे शामिल हैं।

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