IPL ऑक्शन को लेकर बड़ा ऐलान, दिसंबर में होगा आयोजन, वेन्यू का भी हुआ खुलासा

IPL Auction 2027:

IPL Auction 2027: IPL के अगले सीजन की तैयारियों के बीच ऑक्शन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि इस साल IPL ऑक्शन का आयोजन दिसंबर में गोवा में किया जाएगा। पिछले तीन सालों से ऑक्शन का आयोजन भारत के बाहर हो रहा था, लेकिन इस बार BCCI ने भारत में ही ऑक्शन कराने का फैसला किया है।

IPL Auction 2027: दिसंबर में गोवा में होगा IPL ऑक्शन-

BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि पिछले तीन IPL ऑक्शन सऊदी अरब, दुबई और अबू धाबी में आयोजित किए गए थे। अब इस साल दिसंबर में गोवा को IPL ऑक्शन की मेजबानी सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन ऑक्शन विदेशों में आयोजित करने के बाद अब दिसंबर के महीने में गोवा में IPL ऑक्शन कराने जा रहे हैं।

IPL Auction 2027: IND A बनाम AUS A मैच मोहाली में शिफ्ट-

IPL ऑक्शन के अलावा सैकिया ने इंडिया ए महिला और ऑस्ट्रेलिया ए महिला टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण आगामी T20 मैचों को मोहाली स्थानांतरित किया गया है। सैकिया ने कहा कि धर्मशाला में मौजूदा मौसम की स्थिति क्रिकेट के लिए अनुकूल नहीं है और वहां काफी बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण मैचों को मोहाली ले जाने का फैसला किया गया, ताकि मौसम की वजह से क्रिकेट गतिविधियों में कोई बाधा न आए।

भारत-जापान क्रिकेट संबंधों को लेकर सैकिया का बयान-

देवजीत सैकिया ने भारत और जापान के बीच हाल ही में खेले गए T20 मैच को दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने भारतीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह मुकाबला सिर्फ जापान के खिलाफ जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट के क्षेत्र में दोस्ती के नए दौर की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि ICC चेयरमैन जय शाह की पहल के बाद भारत और जापान के क्रिकेट बोर्ड ने इस मुकाबले के आयोजन की दिशा में काम किया। सैकिया के मुताबिक, एडिनबर्ग में जय शाह ने उन्हें अपने जापानी समकक्ष के साथ बैठकर जापान में इस मैच के आयोजन की दिशा में काम करने को कहा था।

सैकिया ने कहा कि यह पहल अब रंग लाई है। उन्होंने जापान में मैच के दौरान दर्शकों के उत्साह का भी जिक्र किया और उम्मीद जताई कि इससे वहां क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी। उनके मुताबिक, यह मुकाबला भारत और जापान के बीच दोस्ती, क्रिकेट के विकास और इस खेल को नए क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में एक नई शुरुआत है।

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Mamata Banerjee:

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को राज्य में दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की देखरेख में हुए 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की भी मांग की।

Mamata Banerjee: चुनाव आयोग और BJP की मिलीभगत का आरोप-

बुधवार को समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान इलेक्शन कमीशन और BJP ने मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

Mamata Banerjee: SIR प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल-

बनर्जी ने SIR प्रक्रिया की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से उनकी नजर में सत्ताधारी BJP को फायदा हुआ। उन्होंने न सिर्फ पश्चिम बंगाल, बल्कि उन अन्य राज्यों में भी दोबारा मतदान की मांग की, जहां ज्ञानेश कुमार ने चुनाव और वोटर लिस्ट रिवीजन की देखरेख की थी।

SIR विवाद बना बड़ा मुद्दा-

पश्चिम बंगाल के 2026 के चुनाव में वोटर लिस्ट में बदलाव का पैमाना एक बड़ा मुद्दा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव और 2026 के विधानसभा चुनावों के बीच करीब 79 लाख नाम हटाए गए थे। चुनाव आयोग ने कहा कि इस कवायद का उद्देश्य डुप्लिकेट, मृत और बिना दस्तावेज वाली एंट्रीज को हटाना था।

BJP ने 207 सीटों पर दर्ज की जीत-

बंगाल चुनाव के अंतिम नतीजों में 294 विधानसभा क्षेत्रों में से 207 में BJP की जीत हुई, जबकि TMC ने 80 सीटें जीतीं। चुनाव आयोग के नतीजों वाले पेज पर 293 निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे दिए गए हैं, जबकि एक निर्वाचन क्षेत्र में अलग से दोबारा मतदान कराया गया।

SIR से हार जोड़कर देख रहीं ममता-

ममता बनर्जी ने TMC की हार को SIR प्रक्रिया से जोड़ते हुए चुनाव आयोग पर BJP को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर विरोध जारी रखेगा। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों से संवैधानिक और न्यायिक तरीकों से इस मुद्दे को चुनौती देने की अपील की।

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Brijesh Pathak

Brijesh Pathak: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या, काशी और मथुरा को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अयोध्या में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सवालों पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पलटवार किया है। पाठक ने … Read more

SIR पर सियासत तेज, संबित पात्रा ने विपक्ष से पूछा- ‘वोट कटने से BJP जीती तो TMC ने 13 सीटें कैसे जीतीं?’

SIR Controversy:

SIR Controversy: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के भीतर कथित असहमति को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच भाजपा ने विपक्ष पर पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों के आंकड़ों का हवाला देते हुए विपक्ष के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को चुनावी नतीजों से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं। पात्रा ने कहा कि जिन 20 विधानसभा सीटों पर सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात सामने आई है, उनमें से 13 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा छह सीटों पर जीती। उनके मुताबिक, अगर मतदाता सूची से नाम हटाने का फायदा भाजपा को मिला होता, तो इन सीटों के नतीजे अलग क्यों नहीं रहे?

SIR Controversy: ‘वोटर लिस्ट से नाम कटने से BJP नहीं जीती’

संबित पात्रा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को भाजपा की जीत से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के आंकड़ों का हवाला देते हुए विपक्ष से सवाल किया कि सबसे ज्यादा नाम हटाए जाने वाली 20 सीटों में भाजपा सिर्फ छह सीटें ही क्यों जीत सकी। पात्रा का यह बयान ऐसे समय आया है जब SIR को लेकर चुनाव आयोग की आंतरिक प्रक्रिया और कथित असहमति पर राजनीतिक बहस तेज है।

SIR Controversy: आयोग की प्रक्रिया पर भी बोले पात्रा

भाजपा प्रवक्ता ने चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच चर्चा को सामान्य संस्थागत प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा और मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाता है। चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों के हवाले से सामने आए स्पष्टीकरण के मुताबिक, SIR समेत आयोग के बड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए और इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की मंजूरी शामिल थी।

क्या है असहमति रिपोर्ट का मामला

दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई मौकों पर मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ मामलों में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने तथा मतदाता डेटा से जुड़े मुद्दों पर असहमति सामने आई थी। हालांकि, चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग प्रशासनिक और मतदाता सूची संबंधी मामलों में चर्चा या आपत्ति होने का अर्थ यह नहीं है कि SIR को लेकर आयोग के अंतिम निर्णय में मतभेद था। अधिकारियों के मुताबिक, SIR से जुड़े निर्णय सामूहिक सहमति से लिए गए।

‘जनता ने नकारा तो संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल’

पात्रा ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव आयोग को निशाना बनाकर राजनीतिक मुद्दा खड़ा कर रहा है। पात्रा के मुताबिक, विपक्ष को जनता का समर्थन नहीं मिल रहा, इसलिए वह संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। यह भाजपा का राजनीतिक आरोप है। दूसरी ओर, विपक्षी दल SIR और मतदाता सूची में नामों के पुनरीक्षण को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं, जो भाजपा के समर्थन में नहीं हैं। भाजपा इन आरोपों को खारिज करती रही है।

SIR पर बहस अब चुनाव आयोग की प्रक्रिया तक पहुंची

SIR को लेकर विवाद अब केवल मतदाता सूची के पुनरीक्षण तक सीमित नहीं है। चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और कथित असहमति भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है। एक तरफ आयोग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अंतिम फैसले सर्वसम्मति से हुए, वहीं विपक्ष इन प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में संबित पात्रा का पश्चिम बंगाल की 20 सीटों का आंकड़ा सामने रखना भाजपा की ओर से विपक्ष के आरोपों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

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Yogi Adityanath BJP in-charges:

Yogi Adityanath BJP in-charges: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 36 राज्यों के लिए प्रभारी व सह-प्रभारी की घोषणा कर दी है। इस सूची में वे पांच राज्य भी शामिल हैं, जहां आने वाले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं। इस घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नव नियुक्त प्रभारियों और सह-प्रभारियों को हार्दिक बधाई दी। योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्विटर (X) पर सभी नियुक्त प्रभारी और सह-प्रभारी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

Yogi Adityanath BJP in-charges: योगी ने नितिन नबीन को दी हार्दिक बधाई-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि वे उनके इस निर्णय से बेहद खुश हैं। आगे योगी कहते हैं, “मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन के निर्णय से बहुत प्रसन्न हूं। उन्होंने जो प्रभारी और सह-प्रभारी की नियुक्तियां की हैं, वे सब सही हैं और जरूरी हैं। मैं नितिन नवीन के साथ-साथ सभी प्रभारियों और सह-प्रभारियों को हार्दिक बधाई देता हूं।”

Yogi Adityanath BJP in-charges: योगी ने नियुक्त प्रभारियों को दी अनंत मंगलकामनाएं-

बीजेपी प्रभारी और सह-प्रभारियों की पूरी सूची-

अंडमान-निकोबार: प्रभारी- जय प्रकाश

अरुणाचल प्रदेश: प्रभारी- डॉ. देवेश कुमार

आंध्र प्रदेश: प्रभारी- डॉ. अरविंद भदौरिया, सह-प्रभारी- वनथी श्रीनिवासन

असम: प्रभारी- मंगल पांडे, सह-प्रभारी- फांग्नोन कोन्याक और मनोज टिग्गा

बिहार: प्रभारी- हरीश द्विवेदी, सह-प्रभारी- संगीता यादव, रोहन गुप्ता

चंडीगढ़: प्रभारी- महेंद्र पांडे

छत्तीसगढ़: प्रभारी- स्मृति ईरानी, सह-प्रभारी- सिद्धार्थ शंभू

दादरा नगर हवेली और दमन-दीव: प्रभारी- वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी

दिल्ली: प्रभारी- विनय सहस्त्रबुद्धे, सह-प्रभारी- जामयांग त्सेरिंग नामग्याल और दर्शानाबेन जरदोश

गोवा: प्रभारी- भारती प्रवीण पवार, सह-प्रभारी- अनिल एंटनी

गुजरात: प्रभारी- तरुण चुघ, सह-प्रभारी- अजय महावर और गोमती साई

हरियाणा: प्रभारी- स्मृति ईरानी, सह-प्रभारी- डॉ. भोला सिंह

हिमाचल प्रदेश: प्रभारी- श्रीकांत शर्मा, सह-प्रभारी- दर्शाना सिंह

जम्मू-कश्मीर: प्रभारी- सतीश पूनिया, सह-प्रभारी- रीना कश्यप

झारखंड: प्रभारी- गजेंद्र पटेल, सह-प्रभारी- निवेदिता सिंह

कर्नाटक: प्रभारी- हरीश द्विवेदी, सह-प्रभारी- कसम वेंकटेश्वरलू

केरल: प्रभारी- एम. नागराजा, सह-प्रभारी- एम. वेंकटेशन

लद्दाख: प्रभारी- राजकुमार भाटिया

लक्षद्वीप: प्रभारी- जॉर्ज कुरियन

महाराष्ट्र: प्रभारी- बैजयंत जय पांडा, सह-प्रभारी- असमत मालवीय, सदानंद शेट तनावाडे, कमलजीत सहरावत

मणिपुर: प्रभारी- डॉ. राजदीप रॉय

मेघालय: प्रभारी- कनाद पुरकायस्थ, सह-प्रभारी- डॉ. नुमल मोमिन

मिजोरम: प्रभारी- डॉ. भगवत कराड

नगालैंड: प्रभारी- अनिल एंटनी

ओडिशा: प्रभारी- डी. पुरंदेश्वरी, सह-प्रभारी- डॉ. स्वदेश सिंह

पुदुचेरी: प्रभारी- के. सुरेंद्रन

पंजाब: प्रभारी- डॉ. सतीश पूनिया, सह-प्रभारी- वीरेंद्र सचदेवा, डॉ. अलका गुर्जर

राजस्थान: प्रभारी- संजय भाटिया, सह-प्रभारी- कविता पार्टीदार, कुलजीत चहल

सिक्किम: प्रभारी- राजू बिस्ता

तमिलनाडु: प्रभारी- राम माधव, सह-प्रभारी- निर्मल कुमार सुराणा, डी. के. अरुण

मध्य प्रदेश: प्रभारी- बिप्लब कुमार देब, सह-प्रभारी- रेखा वर्मा

तेलंगाना: प्रभारी- सुनील बंसल, सह-प्रभारी- अभय पाटिल, रेखा शर्मा

त्रिपुरा: प्रभारी- मृगांका देव बर्मन

उत्तर प्रदेश: प्रभारी- विनोद तावड़े, सह-प्रभारी- जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा, अनंत ओझा

उत्तराखंड: प्रभारी- राम माधव, सह-प्रभारी- अरविंद मेनन, बांसुरी स्वराज

पश्चिम बंगाल: प्रभारी- सुनील बंसल, सह-प्रभारी- लाल सिंह आर्य, राजेंद्र सिंह (बिहार), पिंकी कुशवाहा।

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BJP State In-Charges:

BJP State In-Charges: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारियों की घोषणा की। इस संगठनात्मक फेरबदल में विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश, राम माधव को उत्तराखंड और तमिलनाडु, जबकि डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी दी गई है।

BJP State In-Charges: विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश की कमान-

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को दी है। उनके साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह-प्रभारी बनाया गया है।

BJP State In-Charges: राम माधव को उत्तराखंड और तमिलनाडु-

राम माधव को उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा राम माधव तमिलनाडु के भी प्रभारी होंगे। यहां निर्मल कुमार सुराणा और डी.के. अरुणा को सह-प्रभारी बनाया गया है।

सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू-कश्मीर-

डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ वीरेंद्र सचदेवा और डॉ. अलका गुर्जर सह-प्रभारी होंगे। वहीं जम्मू-कश्मीर में भी पूनिया को प्रभारी बनाया गया है और रीना कश्यप सह-प्रभारी होंगी।

स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़-

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। हरियाणा में डॉ. भोला सिंह और छत्तीसगढ़ में सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

सुनील बंसल को बंगाल और तेलंगाना-

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल और तेलंगाना का प्रभारी बनाया गया है। पश्चिम बंगाल में लाल सिंह आर्य, राजेंद्र सिंह और पिंकी कुशवाहा को सह-प्रभारी बनाया गया है, जबकि तेलंगाना में अभय पाटिल और रेखा शर्मा सह-प्रभारी होंगे।

अन्य राज्यों में भी नई जिम्मेदारियां-

महाराष्ट्र की जिम्मेदारी बैजयंत जय पांडा को दी गई है। बिहार के प्रभारी हरीश द्विवेदी होंगे, जबकि गुजरात में तरुण चुघ को जिम्मेदारी मिली है। मध्य प्रदेश में बिप्लब कुमार देब और राजस्थान में संजय भाटिया को प्रभारी बनाया गया है। गोवा में भारती प्रवीण पवार, मणिपुर में राजदीप रॉय, ओडिशा में डी. पुरंदेश्वरी और हिमाचल प्रदेश में श्रीकांत शर्मा को प्रभारी बनाया गया है। केरल में एम. नागराजा और कर्नाटक में हरीश द्विवेदी को जिम्मेदारी दी गई है।

28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नियुक्तियां-

बीजेपी की नई सूची में कुल 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारी और सह-प्रभारियों के नाम शामिल हैं। पार्टी ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा और अन्य राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बदलाव किया है।

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‘चुनाव आयोग का स्वतंत्र दिखना ही काफी नहीं’, SC में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवाल

Election Commission Law:

 Election Commission Law: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मामले पर अलग-अलग राय दी। इसके बाद मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा गया है, ताकि उचित संख्या वाली बड़ी पीठ के गठन पर निर्णय लिया जा सके।

 Election Commission Law: 2023 के कानून पर क्या है विवाद-

2023 के कानून के तहत CEC और EC की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति का प्रावधान है। इसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के 2023 के फैसले में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली समिति की व्यवस्था की गई थी, जब तक संसद इस संबंध में कानून नहीं बनाती। इस कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं में मुख्य रूप से CJI को चयन समिति से हटाने और उनकी जगह केंद्रीय मंत्री को शामिल करने पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इससे चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।

 Election Commission Law: जस्टिस दीपांकर दत्ता ने क्या कहा-

जस्टिस दीपांकर दत्ता ने अपनी राय में 2023 के कानून के तहत चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को केवल स्वतंत्र दिखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियुक्ति प्रक्रिया भी स्वतंत्र होनी चाहिए। उन्होंने प्रथम दृष्टया कहा कि 2023 का कानून चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए स्वतंत्र प्रक्रिया सुनिश्चित करता हुआ नहीं दिखता। जस्टिस दत्ता ने यह भी कहा कि संवैधानिक व्यवस्था का मूल सिद्धांत है कि शासन व्यक्तियों का नहीं, बल्कि कानून का होता है। उनके अनुसार, शासक कानून से बंधे होते हैं और कानून से ऊपर नहीं हो सकते।

 दोनों जजों की राय में मतभेद

जस्टिस दत्ता ने मामले को बड़ी संविधान पीठ के पास भेजने की जरूरत से असहमति जताई। वहीं जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने माना कि मामले में महत्वपूर्ण संवैधानिक सवाल शामिल हैं और इसे बड़ी पीठ के पास भेजा जाना चाहिए। दोनों जजों की राय अलग होने के बाद मामले को CJI के समक्ष रखने पर सहमति बनी। अब उचित पीठ के गठन और आगे की सुनवाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।

‘जज ही जजों को नियुक्त करते हैं’ वाली धारणा पर टिप्पणी

सुनवाई के दौरान जस्टिस दत्ता ने न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़े कॉलेजियम सिस्टम पर भी टिप्पणी की। उन्होंने ‘जज ही जजों को नियुक्त करते हैं’ वाली धारणा को गलत बताया। उनके अनुसार, कॉलेजियम प्रक्रिया में केंद्र और राज्य सरकारों तथा खुफिया एजेंसियों की भी भूमिका होती है और उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि की जांच की जाती है। जस्टिस दत्ता ने यह भी कहा कि कॉलेजियम की सिफारिशों को कार्यपालिका द्वारा चुनिंदा तरीके से लागू किए जाने से संवैधानिक सवाल पैदा होते हैं। उन्होंने न्यायपालिका की स्वतंत्रता और उसके आत्मनिर्भर होने को संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

Election Commission Law: अब आगे क्या होगा

सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ की अलग-अलग राय के बाद मामला CJI के समक्ष जाएगा। बड़ी संविधान पीठ गठित होने पर वह 2023 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं में उठाए गए संवैधानिक सवालों पर आगे सुनवाई करेगी।

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CM Yogi Adityanath

Yogi ‘Bharat Taxi’: उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के बीच अब सहकारी मॉडल पर आधारित ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में इस सेवा का शुभारंभ किया। फिलहाल लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में भारत टैक्सी की शुरुआत की गई है। इसमें … Read more

Opinion: छात्र आत्महत्याएं किसी मोर्चेबंदी से नहीं, समस्या के समाधान से रुकेंगी

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Opinion: आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद इस मुद्दे पर किसी राजनीतिक या सामाजिक मोर्चेबंदी को उचित नहीं माना जा सकता है।इसके बजाय अब सामूहिक रूप से एक ऐसे स्थाई समाधान पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि फिर कभी किसी छात्र के कालकवलित होने की दुखद खबर सुनने को न मिले।आज … Read more