UP NEWS: मुरादाबाद के मूंढ़ापांडे क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मीटर रीडर को 25 हजार रुपये ले लिए और कथित गलती पर सार्वजनिक रूप से ‘मुर्गा’ बनने की सजा दी गई। रुपये लेने के बाद भी जब बिल जमा नहीं किया तो उपभोक्ता ने लोगों के साथ मीटर रीडर को पकड़ लिया और दलपतपुर में एसडीओ के पास ले गए।
25 हजार रुपये लेने का आरोप
जानकारी के अनुसार, मीटर रीडर मतलूब पर एक उपभोक्ता से बिजली बिल के 25 हजार रुपये लेने के बावजूद उसे जमा न करने का आरोप है। शिकायत मिलने पर उपभोक्ता और ग्रामीण उसे पकड़कर दलपतपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र पर ले गए।
UP NEWS: SDO का ‘अजीब’ फैसला
यहां तैनात एसडीओ ने मामले की सुनवाई के बाद मीटर रीडर को करीब 10 मिनट तक ‘मुर्गा’ बनने की सजा दे दी। इस दौरान किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे मामला तूल पकड़ गया।
वीडियो वायरल, कार्रवाई तेज
वीडियो सामने आने के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया और संविदाकर्मी मीटर रीडर की सेवा समाप्त कर दी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में एसडीओ की भूमिका पर सवाल उठने के बावजूद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
UP NEWS: प्रक्रिया पर उठे सवाल
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मीटर रीडर दोषी था, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए थी। लेकिन इस तरह की सार्वजनिक सजा देना प्रशासनिक मर्यादा और नियमों पर सवाल खड़ा करता है। यह घटना न केवल विभागीय अनुशासन बल्कि अधिकारियों के अधिकारों की सीमाओं को लेकर भी बहस छेड़ रही है।
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