Uttarakhand news: टिहरी-गढ़वाल में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद देशभर में चिंता बढ़ी ही थी कि इसी बीच डोबरा-चाटी झील में अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने अफरा-तफरी मचा दी। झील में मौजूद फ्लोटिंग हटमेंट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें ठहरे पर्यटक बीच पानी में फंस गए। हालात बेहद गंभीर थे, लेकिन समय रहते SDRF की टीम ने मोर्चा संभाल लिया।
पहले से अलर्ट थी टीम, तुरंत लिया एक्शन
बरगी डैम हादसे के बाद SDRF पहले से सतर्क थी। सेनानायक अर्पण यदुवंशी द्वारा टीमों को पहले ही ब्रीफिंग दी गई थी, जिससे सभी यूनिट्स अलर्ट मोड में थीं। जैसे ही डोबरा-चाटी झील में संकट की सूचना मिली, टीम ने बिना समय गंवाए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने का फैसला लिया।
Uttarakhand news: खराब मौसम में शुरू हुआ चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू
कोटी कॉलोनी स्थित SDRF टीम SI नरेंद्र राणा के नेतृत्व में मौके के लिए रवाना हुई। रात का समय, तेज हवाएं, ऊंची लहरें और कम विजिबिलिटी—इन सबके बीच रेस्क्यू ऑपरेशन आसान नहीं था। बावजूद इसके, टीम ने साहस और पेशेवर दक्षता का शानदार उदाहरण पेश किया।
Uttarakhand news: एक-एक कर सभी पर्यटकों को निकाला बाहर
SDRF टीम ने फ्लोटिंग हटमेंट तक पहुंच बनाकर फंसे हुए लोगों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान टीम ने घबराए पर्यटकों को संभालते हुए उन्हें भरोसा दिलाया। करीब 25 से 30 लोगों को सुरक्षित निकालकर पर्यटन विभाग की नाव से कोटी कॉलोनी पहुंचाया गया।
समय रहते टली बड़ी त्रासदी
अगर रेस्क्यू में जरा भी देरी होती, तो यह घटना बड़ा हादसा बन सकती थी। SDRF की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता की वजह से एक संभावित दुर्घटना को टाल दिया गया। यह ऑपरेशन टीम की तैयारी और रिस्पॉन्स टाइम का बेहतरीन उदाहरण बना।
चारधाम यात्रा पर आने वालों से अपील
Uttarakhand news: SDRF ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें। खराब मौसम में झील और जलाशयों से दूर रहें, क्योंकि सतर्कता ही किसी भी हादसे से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।
ये भी पढ़े: नोएडा में रिटायर्ड इंजीनियर से 75 लाख की साइबर ठगी








