Twisha Death Case: भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस में पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में पुलिस की पांच बड़ी चूक सामने आने के बाद मुख्य आरोपी समर्थ सिंह घटना के 9 दिन बाद भी फरार है। बढ़ते विवाद के बीच पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए छह टीमें गठित की हैं और विशेष जांच दल (SIT) भी बनाया गया है। आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आरोपी पर घोषित इनाम राशि 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दी है। जानकारी के मुताबिक भोपाल एम्स की शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस को मिल गई थी, जिसमें ट्विशा के शरीर पर कई चोटों के निशान होने का जिक्र था। इसके बावजूद पुलिस समय रहते आरोपी तक नहीं पहुंच सकी।
आरोपी पक्ष ने भी मांगी CBI जांच
मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की ओर से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है। समर्थ के वकील मृगेंद्र सिंह ने कहा कि ट्विशा के परिजनों के आरोप निराधार हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा ने मौत से पहले कोई बयान नहीं दिया और न ही कोई सुसाइड नोट मिला।
वकील ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच मध्य प्रदेश में संभव नहीं है, इसलिए CBI जांच की मांग को लेकर अलग याचिका तैयार की जा रही है। इससे पहले भोपाल जिला अदालत समर्थ की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।
Twisha Death Case: पुलिस अधिकारियों पर भी सवाल
ट्विशा की मौत की शुरुआती जांच एसआई दिनेश शर्मा ने की थी। आरोप है कि उन्होंने समय रहते CCTV फुटेज जब्त नहीं किए और पोस्टमॉर्टम के दौरान जरूरी सबूत भी उपलब्ध नहीं कराए। थाना प्रभारी सुनील दुबे पर भी परिजनों से बदसलूकी के आरोप लगे हैं।
परिजनों का कहना है कि 13 मई की रात जब वे कटारा हिल्स थाने पहुंचे, तब उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस शुरुआत से ही आरोपी पक्ष के समर्थन में काम कर रही है।
Twisha Death Case: परिवार ने उठाए शव संरक्षण और जांच पर सवाल
ट्विशा के चाचा लोकेश शर्मा ने सवाल उठाया कि DVR जब्त होने के बाद भी आरोपी पक्ष तक CCTV फुटेज कैसे पहुंचे। उन्होंने शव को माइनस 80 डिग्री तापमान पर रखने की जरूरत पर भी सवाल खड़े किए।
परिवार का आरोप है कि क्राइम सीन को सील नहीं किया गया और सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जाकर CBI जांच की मांग करने की बात कही है।
सेकंड पोस्टमॉर्टम की मांग पर अड़ा परिवार
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने कहा कि परिवार दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग से पीछे नहीं हटेगा। उनका आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में देरी की और शव सुपुर्दगी के दस्तावेजों पर दबाव बनाकर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने कहा कि शव को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 4 डिग्री तापमान पर्याप्त होता है और माइनस 80 डिग्री की बात केवल भ्रम फैलाने के लिए की जा रही है।
कोर्ट ने दिए शव सुरक्षित रखने के निर्देश
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता ने बॉडी को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती, लेकिन आगे की जांच प्रभावित न हो, इसलिए शव को सुरक्षित रखा जाए। कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह को 23 मई को पेश होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
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