Delhi news: राजधानी दिल्ली में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए उप-राज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की समीक्षा बैठक की। बैठक में यमुना के पुनर्जीवन, बाढ़ प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। LG ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यमुना के बाढ़ प्रभावित इलाकों से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की पर्यावरणीय जीवनरेखा है, इसलिए इसके संरक्षण और विकास के लिए समन्वित प्रयास जरूरी हैं।
93 हजार टन से ज्यादा कचरा हटाया गया
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि यमुना के फ्लडप्लेन क्षेत्र में करीब 1,700 हेक्टेयर भूमि पर बहाली और रिवरफ्रंट विकास का काम किया गया है। इस दौरान लगभग 88,574 मीट्रिक टन निर्माण एवं तोड़फोड़ का मलबा और 4,998 मीट्रिक टन नगर निगम का कचरा हटाया गया। इसके अलावा करीब 1,425 एकड़ जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराकर सुरक्षित किया गया है।
Delhi news: 7 लाख से ज्यादा पेड़ लगाए गए
DDA ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र में अब तक 7 लाख से अधिक देशी पेड़ लगाए हैं। इसके साथ ही 1 करोड़ से ज्यादा घास और वेटलैंड प्रजातियों के पौधे भी रोपे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इससे भूजल स्तर सुधारने, जैव विविधता बढ़ाने और बाढ़ के प्रभाव को कम करने में मदद मिली है।
Delhi news: 35 वेटलैंड्स विकसित किए गए
यमुना के किनारे कुल 35 वेटलैंड्स विकसित किए गए हैं, जिनमें लगभग 1,420 मिलियन लीटर पानी संग्रहित करने की क्षमता है। इससे भूजल रिचार्ज को बढ़ावा मिला है और बाढ़ नियंत्रण में भी सहायता मिल रही है।
कई पर्यावरणीय स्थलों का हुआ विकास
बैठक में असिता, बांसरा, अमृत बायोडायवर्सिटी पार्क, यमुना वनस्थली, कालिंदी अविरल और यमुना वाटिका जैसे पर्यावरण-अनुकूल स्थलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। ये इलाके पहले उपेक्षित थे, लेकिन अब इन्हें सार्वजनिक उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यमुना बाजार के 32 ऐतिहासिक घाटों का होगा पुनर्विकास
LG ने यमुना बाजार क्षेत्र के 32 ऐतिहासिक घाटों को सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। इस संबंध में INTACH द्वारा की गई स्टडी की जानकारी भी उन्हें दी गई। उन्होंने कहा कि यमुना के किनारे आध्यात्मिक पर्यटन, विरासत संरक्षण, हरियाली और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। साथ ही लोगों को नदी से दोबारा जोड़ने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
छह महीने में शुरू होगा विकास कार्य
Delhi news: अधिकारियों ने बताया कि यमुना बाजार के पुनर्विकास की योजना विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर आगे बढ़ाई जा रही है। LG ने निर्देश दिए कि अगले छह महीनों के भीतर चरणबद्ध तरीके से मरम्मत और विकास कार्य शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि यमुना के कायाकल्प को दिल्ली के शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण की बड़ी पहल के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
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