Home » स्वास्थ्य » IBS जीवनभर रहने वाली बीमारी है या ठीक हो सकती है? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें सच

IBS जीवनभर रहने वाली बीमारी है या ठीक हो सकती है? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें सच

IBS Lifelong Condition:

IBS Lifelong Condition: इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) पाचन तंत्र से जुड़ी एक सामान्य लेकिन लंबे समय तक रहने वाली समस्या है। इसमें पेट दर्द, गैस, ब्लोटिंग, कब्ज या दस्त जैसे लक्षण बार-बार हो सकते हैं। हालांकि, सही इलाज, संतुलित आहार और लाइफस्टाइल में बदलाव से इसके लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

IBS Lifelong Condition: क्या IBS पूरी तरह ठीक हो सकता है-

आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, IBS एक क्रॉनिक स्थिति हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मरीज हमेशा परेशान रहेगा। सही डाइट, तनाव नियंत्रण और डॉक्टर की सलाह से इसके लक्षणों को प्रभावी ढंग से मैनेज किया जा सकता है। कई लोगों में समय के साथ लक्षण कम भी हो जाते हैं।

IBS Lifelong Condition: क्या IBS जानलेवा है-

साल 2020 में The American Journal of Gastroenterology में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, IBS से मृत्यु का जोखिम नहीं बढ़ता। यह बीमारी जानलेवा नहीं मानी जाती, हालांकि इसके लक्षण मरीज के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।

IBS के लक्षण किन कारणों से बढ़ सकते हैं-

डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, निम्न कारण IBS को ट्रिगर कर सकते हैं:

तला-भुना और अधिक फैट वाला भोजन

हाई-FODMAP फूड्स

बहुत मसालेदार खाना

अनियमित खानपान

तनाव और चिंता

पर्याप्त नींद न लेना

हर मरीज में ट्रिगर अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए अपने शरीर की प्रतिक्रिया को समझना जरूरी है।

क्या IBS से कैंसर का खतरा बढ़ता है-

साल 2022 में The American Journal of Gastroenterology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, IBS से कैंसर का खतरा नहीं बढ़ता। अध्ययन में यह भी पाया गया कि IBS मरीजों में पाचन तंत्र के कैंसर का जोखिम सामान्य आबादी की तुलना में अधिक नहीं था।

IBS को कंट्रोल करने के आसान तरीके-

1. संतुलित आहार अपनाएं-

ऐसे खाद्य पदार्थों की पहचान करें जो लक्षण बढ़ाते हैं। फूड डायरी बनाना और जरूरत पड़ने पर डाइटीशियन की सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है।

2. तनाव कम करें-

योग, मेडिटेशन और नियमित व्यायाम तनाव कम करने में मदद करते हैं, जिससे IBS के लक्षण भी नियंत्रित हो सकते हैं।

3. नियमित दिनचर्या रखें-

समय पर भोजन करें, पर्याप्त नींद लें और रोजाना शारीरिक गतिविधि करें। इससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है

यह भी पढ़े- लोकसभा में पास हुआ सुप्रीम कोर्ट संशोधन बिल, अब CJI समेत होंगे 38 जज