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30 साल बाद टूटा बीजेपी का बांकीपुर किला, प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत के पीछे रहे ये 6 बड़े कारण

 Bankipur By Election Result:

Bankipur By Election Result: बिहार की राजनीति में सोमवार का दिन बड़े राजनीतिक बदलाव का गवाह बना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 30 साल पुराने गढ़ को ध्वस्त कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह सीट 1995 से लगातार भाजपा के कब्जे में थी। पहले नवीन किशोर सिन्हा और बाद में उनके निधन के बाद नितिन नवीन यहां से लगातार चुनाव जीतते रहे। नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट पर भाजपा की जीत आसान मानी जा रही थी, लेकिन प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरते ही पूरा चुनाव हाई-प्रोफाइल बन गया और नतीजों ने सभी को चौंका दिया।

Bankipur By Election Result: प्रशांत किशोर की जीत के 6 बड़े कारण-

1. भाजपा को प्रत्याशी बदलना पड़ा भारी-

भाजपा ने पहले अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया, लेकिन नामांकन के बाद उनका नाम वापस लेकर नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतार दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव से मतदाताओं में गलत संदेश गया और इसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ा।

2. प्रशांत किशोर ने बदल दिया चुनावी माहौल-

प्रशांत किशोर के खुद चुनाव लड़ने से बांकीपुर का चुनाव हाई-प्रोफाइल बन गया। उन्होंने घर-घर जनसंपर्क किया, स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और सरकार को घेरते हुए सकारात्मक प्रचार अभियान चलाया।

3. भाजपा समर्थकों में नहीं दिखा पहले जैसा उत्साह-

चुनाव के दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में पहले जैसा जोश नहीं दिखा। माना जा रहा है कि पार्टी अपने पारंपरिक मतदाताओं को मतदान के लिए पूरी तरह सक्रिय नहीं कर सकी।

4. वोटर मैनेजमेंट में जन सुराज रही आगे-

जहां भाजपा बूथ स्तर पर अपने मतदाताओं को सक्रिय करने में कमजोर नजर आई, वहीं जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने प्रभावी वोटर मैनेजमेंट किया और समर्थकों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने में सफलता हासिल की।

5. छात्र आंदोलन का भी पड़ा असर-

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल के छात्र आंदोलनों का असर भी उपचुनाव में देखने को मिला। युवाओं में भाजपा के प्रति पहले जैसा उत्साह नहीं दिखा, जिसका फायदा जन सुराज को मिला।

6. महागठबंधन के वोटों का मिला समर्थन-

विश्लेषकों के अनुसार, महागठबंधन के एक हिस्से के वोट इस बार जन सुराज के पक्ष में चले गए। पिछली बार दूसरे स्थान पर रही राजद इस उपचुनाव में तीसरे स्थान पर पहुंच गई, जिससे प्रशांत किशोर को सीधा लाभ मिला।

Bankipur By Election Result: राजनीतिक मायने-

बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम बिहार की राजनीति के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है। भाजपा के मजबूत गढ़ में मिली इस जीत ने जन सुराज और प्रशांत किशोर की राजनीतिक ताकत को नई पहचान दी है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आगामी विधानसभा चुनाव में यह जीत कितना बड़ा असर डालती है

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