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‘तूफान से पहले की शांति’, उद्धव ठाकरे का मोदी सरकार पर हमला; बोले- देश में चल रही ‘मतलबी हवाएं’

Uddhav Thackeray:

Uddhav Thackeray: शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवसेना से जुड़े राजनीतिक और कानूनी विवाद को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से इस मामले की सुनवाई चल रही है, इसलिए वह अब तक इस मुद्दे पर चुप रहे। लेकिन देश में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए अब बोलना जरूरी हो गया है। उद्धव ठाकरे ने देश के हालात की तुलना मौसम में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र से करते हुए कहा कि “देश में मतलबी हवाएं चल रही हैं और तूफान से पहले की शांति नजर आ रही है।”

Uddhav Thackeray: ‘जेन-जी ने सरकार को घुटनों पर ला दिया’-

उद्धव ठाकरे ने जेन-जी के आंदोलन का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर युवाओं की आवाज नहीं सुनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस पीढ़ी ने सरकार को घुटनों पर ला दिया, लेकिन उनकी समस्याओं को समझने और उनसे संवाद करने के बजाय उन पर लाठियां बरसाई गईं। ठाकरे ने कहा कि किसी का सिर फोड़ा गया तो किसी के पैर तोड़े गए। उन्होंने सवाल किया कि जब देश के युवा अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, तो प्रधानमंत्री उनसे बातचीत करने के लिए तैयार क्यों नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से देश जवाब मांग रहा है।

Uddhav Thackeray: ‘युवाओं से मिलने का वक्त नहीं, शिंदे से मिलने का समय है’-

उद्धव ठाकरे ने बीजेपी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच राजनीतिक रिश्तों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार के पास युवाओं की समस्याएं सुनने के लिए समय नहीं है, लेकिन शिवसेना से अलग हुए गुट के नेताओं से मुलाकात के लिए समय जरूर है। ठाकरे ने न्यायमूर्ति जामदार के कथित बयान का हवाला देते हुए बीजेपी पर तंज कसा और ‘वॉशिंग मशीन’ का जिक्र किया। उनका आरोप था कि दूसरे दलों से आने वाले नेताओं के राजनीतिक दाग इस ‘वॉशिंग मशीन’ में धुल जाते हैं।

अमित शाह के मुंबई दौरे पर भी ठाकरे का तंज-

उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुंबई दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने स्वामी समर्थ के प्रसिद्ध वाक्य ‘डरो मत, मैं आपके साथ हूं’ का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसा। ठाकरे ने कहा कि आज इसी अंदाज में कुछ लोगों को भरोसा दिया जा रहा है। उन्होंने राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता इन घटनाओं का मतलब समझना चाहती है।

‘सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित, फिर मुलाकातें क्यों?’-

शिवसेना से जुड़े मामले की सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच नेताओं की मुलाकातों को लेकर भी उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब मामला अदालत में विचाराधीन है और उसी दौरान संबंधित नेताओं से मुलाकातें हो रही हैं, तो इसका संदेश क्या है?ठाकरे ने सवाल किया कि ‘चिंता मत करो, मैं हूं तुम्हारे साथ’ का संदेश आखिर किसे दिया जा रहा है? एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले शिंदे अमित शाह से मिलने जाते थे, लेकिन अब उन्होंने अपना ‘बॉस’ बदल लिया है और सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रहे हैं।

झारखंड में बच्चों के आंदोलन का भी उठाया मुद्दा-

उद्धव ठाकरे ने झारखंड में बच्चों के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बच्चों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी समस्याओं को समझकर उनका समाधान करना चाहिए। ठाकरे ने कहा, “ये हमारे ही बच्चे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद झारखंड जाकर इन बच्चों से मुलाकात करेंगे। उद्धव ठाकरे के इन बयानों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं

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