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फ्लाईदुबई विमान का कॉकपिट नहीं खुलता तो इजरायली पीएम को देना पड़ता बड़ा आदेश, टल सकता था भयानक हादसा

 Flydubai cockpit incident:

Flydubai cockpit incident: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई घटना ने सभी को हैरान कर दिया। करीब 180 लोगों की जान बचाने के लिए कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान की परवाह किए बिना विमान का कंट्रोल संभाला। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खौफनाक पल वह था, जब उन्हें कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए अपनी पूरी ताकत लगानी पड़ी।

Flydubai cockpit incident: को-पायलट के हमले में घायल हुए कैप्टन

स्मित मच्छार को उनके को-पायलट ने कुल्हाड़ी से घायल कर दिया था। घायल होने के बावजूद वह किसी तरह घिसटते हुए कॉकपिट तक पहुंचे। उन्होंने एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, लेकिन को-पायलट ने उसे दोबारा बंद कर दिया। इसके बाद मच्छार ने अपनी आखिरी ताकत लगाकर दरवाजा खोलने और विमान का कंट्रोल अपने हाथों में लेने की कोशिश की।

Flydubai cockpit incident: मच्छार ने सुनाई पूरी आपबीती

शनिवार को कैप्टन स्मित मच्छार ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि हमले में घायल होने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा था। उन्होंने बताया कि कॉकपिट के बाहर उन्हें विमान की आवाज और यात्रियों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी। उन्हें लगा कि उनके पास अब सिर्फ एक आखिरी कोशिश करने की ताकत बची है। इसके बाद उन्होंने दरवाजा खोलने के लिए पूरी ताकत लगा दी और विमान का कंट्रोल संभाल लिया।

नेतन्याहू ने की कैप्टन की बहादुरी की तारीफ

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुश्किल हालात में भी मच्छार की शांत रहकर सही फैसला लेने की क्षमता ने उन्हें हैरान कर दिया। नेतन्याहू ने उन्हें पूरी दुनिया का हीरो बताया।

कॉकपिट का दरवाजा नहीं खुलता तो क्या होता

इस घटना का सबसे गंभीर पहलू यह था कि अगर कैप्टन समय रहते विमान का कंट्रोल अपने हाथ में नहीं लेते, तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। खबर के मुताबिक, इजरायल में विमान हाईजैक होने की स्थिति में अगर विमान चेतावनियों के बावजूद एयर स्पेस में उड़ता रहे, तो उस पर कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में अगर समय रहते विमान को नियंत्रित नहीं किया जाता, तो उसे तोपों या मिसाइलों से गिराए जाने की स्थिति पैदा हो सकती थी। विमान में 174 यात्री और 6 क्रू मेंबर मौजूद थे। हालांकि, कैप्टन की बहादुरी से बड़ा हादसा होने से बच गया।

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