
नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए भारत सरकार ने लिया अहम कदम
Nepal Flood Victims: नेपाल के उत्तरी हिस्से के सीमावर्ती जिलों में मुख्य रूप से रसुवा (Rasuwa), धाडिंग (Dhading), नुवाकोट (Nuwakot), गोरखा (Gorkha), चितवन (Chitwan), और

Nepal Flood Victims: नेपाल के उत्तरी हिस्से के सीमावर्ती जिलों में मुख्य रूप से रसुवा (Rasuwa), धाडिंग (Dhading), नुवाकोट (Nuwakot), गोरखा (Gorkha), चितवन (Chitwan), और

नेपाल-तिब्बत सीमा पर चोचेन और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी झील फटने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रसुवा में रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया है। चीन ने लेवल-4 अलर्ट जारी कर बचाव दलों को सुरक्षित दूरी पर रहने के निर्देश दिए हैं।

नेपाल और चीन में भीषण बाढ़ के बाद खतरा अभी टला नहीं है। मलबे से बनी झीलों का जलस्तर बढ़ने से दोबारा बाढ़ की आशंका है। नेपाल, तिब्बत समेत कई इलाकों में बचाव अभियान जारी है। 30 से ज्यादा देशों के नागरिकों के लापता होने की खबर है।

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अल्जीरिया के पूर्वोत्तर इलाकों में भीषण जंगल की आग से 12 लोगों की मौत हो गई। बेजाया, जिजेल और तिजी ओउजौ प्रभावित हैं। कई जगह आग अब भी सक्रिय है। गृह मंत्री ने राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया। भीषण गर्मी, सूखे और तेज हवाओं से खतरा बढ़ा है।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई। 165 लोगों की मौत और 1000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं। भारत ने राहत सामग्री भेजी है, जबकि बचाव अभियान खराब मौसम के बीच जारी है।

नेपाल के रसुवा क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के पीछे तिब्बत में ग्लेशियर टूटने और आइस-रॉक एवलॉन्च को संभावित कारण माना जा रहा है। 4.9 तीव्रता के भूकंप के बाद नदी का रास्ता रुका और अवरोध टूटने पर पानी-मलबे का तेज बहाव तबाही लेकर आया।

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तिब्बत की ओर से आई अचानक भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई। टिमुरे बाजार, कस्टम क्षेत्र और पुलिस कार्यालय प्रभावित हुए। करीब 1000 लोगों के बहने की आशंका है। सेना के हेलीकॉप्टर राहत-बचाव में जुटे हैं और कई जिलों में हाई अलर्ट है।

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