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राम मंदिर दान का हिसाब मांग रही कांग्रेस, राहुल-खरगे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर की स्वतंत्र जांच की मांग

राम मंदिर चढ़ावा मामला: पीएम को राहुल-खरगे का पत्र

Ram Mandir: लखनऊ, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर मामले की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने की मांग की है।

ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की जांच की मांग

अपने संयुक्त पत्र में दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री से कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी वित्तीय मामलों की तुरंत स्वतंत्र जांच कराई जाए। उन्होंने मांग की कि श्रद्धालुओं से मिले नकद, सोना, चांदी और अन्य सभी चढ़ावों के प्रबंधन की भी विस्तार से जांच हो।उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट और ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि हर श्रद्धालु को यह जानकारी मिल सके कि उसके द्वारा दिए गए चढ़ावे का उपयोग किस तरह किया गया।

कथित वित्तीय अनियमितताओं पर उठाए सवाल

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पत्र में कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जानी चाहिए।दोनों नेताओं ने दोहराया कि जांच केवल नकदी तक सीमित न रहे, बल्कि सोना, चांदी और अन्य सभी चढ़ावों के प्रबंधन को भी शामिल किया जाए।

श्रद्धालुओं का भरोसा टूटा

संयुक्त पत्र में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों से उन लाखों श्रद्धालुओं को ठगा हुआ महसूस हो रहा है, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई मंदिर के लिए दान की थी।पत्र में राहुल गांधी और खरगे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट के सदस्यों की नियुक्ति सरकार की ओर से की गई थी।

पीएम की चुप्पी पर सवाल

दोनों कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि ट्रस्ट के कई सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और उनसे जुड़े संगठनों से जुड़े रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामले में प्रधानमंत्री की चुप्पी उचित नहीं मानी जा सकती। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है।राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पत्र के अंत में कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर देश की जनता की नजर बनी हुई है।

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