G7 या BRICS, किसके हाथ में दुनिया की कमान? आर्थिक और सैन्य ताकत का पूरा विश्लेषण

BRICS या G7, किसका दबदबा ज्यादा मजबूत?

BRICS तेजी से वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है और जनसंख्या व PPP में G7 से आगे है। हालांकि वित्तीय संस्थाओं, तकनीक, सैन्य बजट और वैश्विक व्यापार में G7 की पकड़ मजबूत है। दोनों समूहों की ताकत और सीमाएं दुनिया की बदलती व्यवस्था को समझने में मदद करती हैं।

क्या है ग्लोबल साउथ, कौन से देश हैं इसका हिस्सा और BRICS में क्यों बढ़ रही इसकी अहमियत?

BRICS और ग्लोबल साउथ का बदलता समीकरण

ग्लोबल साउथ विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसकी वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। BRICS इसके देशों को सामूहिक रूप से अपनी आवाज मजबूत करने का मंच देता है। भारत की अध्यक्षता में संस्थागत सुधार, व्यापार, वित्त और तकनीकी सहयोग पर जोर दिया गया है।

भारत की अध्यक्षता में एआई के साझा नियम बनाने पर BRICS देशों की सहमति

BRICS AI Rules:

BRICS AI Rules: भारत की अध्यक्षता में गुरुवार को बेंगलुरु में BRICS देशों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में भारत, चीन, रूस, ब्राजील समेत सभी सदस्य देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उभरती तकनीकों के लिए साझा मानक (स्टैंडर्ड) विकसित करने पर सहमति जताई।

BRICS AI Rules: AI के सुरक्षित इस्तेमाल पर रहेगा फोकस-

मोबाइल, बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सरकारी कार्यों में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही गलत इस्तेमाल और डेटा सुरक्षा जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। इन्हीं जोखिमों को कम करने के लिए BRICS देश ऐसे साझा नियम बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिनका सभी सदस्य देश पालन कर सकें।

BRICS AI Rules: आम लोगों को होगा सबसे बड़ा फायदा-

यदि AI के लिए साझा नियम लागू होते हैं, तो लोगों की निजी जानकारी की सुरक्षा बेहतर होगी। साथ ही AI से मिलने वाली जानकारी की विश्वसनीयता बढ़ेगी और नई तकनीकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। अलग-अलग देशों के अलग-अलग नियमों से होने वाली परेशानियां भी कम होंगी।

2022 से जारी है सहयोग-

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि मानकीकरण के क्षेत्र में BRICS देशों का सहयोग वर्ष 2022 में शुरू हुआ था और अब यह समझौता अंतिम चरण में पहुंच गया है। इससे सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग, विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

भारत ने विकासशील देशों की आवाज उठाई-

भारत का कहना है कि वैश्विक तकनीकी नियम केवल विकसित देशों तक सीमित नहीं होने चाहिए। विकासशील देशों की जरूरतों और परिस्थितियों को भी समान महत्व मिलना चाहिए, ताकि सभी देशों को समान अवसर मिल सकें।

व्यापार और निवेश को भी मिलेगा बढ़ावा-

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि यदि BRICS देश समान मानकों पर काम करेंगे तो उनके बीच व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले वर्षों में AI बिजली और इंटरनेट की तरह हर क्षेत्र का अहम हिस्सा बन जाएगा। ऐसे में सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद AI के लिए साझा नियम बनाना समय की जरूरत है

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Hormuz Strait पर ईरान का नया दांव! क्या खत्म होने वाला है डॉलर का दबदबा?

दुनिया की सबसे अहम समुद्री रूट्स में शामिल Hormuz Strait को लेकर ईरान ने बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अब इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल व्यापार मार्गों में से एक है। यहां किसी भी नए नियम या सैन्य तनाव का असर सीधे वैश्विक तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।