धर्मेंद्र प्रधान को दूसरे मंत्रालय में भेजने का प्रस्ताव आया, लेकिन CJP इस्तीफे की मांग पर डटी रही: रिपोर्ट का दावा

प्रधान का विभाग बदलने का प्रस्ताव ठुकराया

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने विरोध खत्म कराने के लिए धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन CJP ने इसे ठुकरा दिया और केवल इस्तीफे की मांग पर अड़ी रही। बाद में प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, 8 साल में विवाद के चलते इस्तीफा देने वाले दूसरे मंत्री बने

 NEET Paper Leak:

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले की जिम्मेदारी लेते हैं और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मोदी सरकार में विवाद के कारण किसी मंत्री के इस्तीफे का यह दूसरा मामला है। इससे पहले वर्ष 2018 में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था।

NEET Paper Leak: CJP के आंदोलन का असर-

नीट पेपर लीक के विरोध में कॉककोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन हो रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को अपनी प्रमुख मांग बनाया हुआ था। सरकार ने अन्य मांगों पर सहमति जताई, लेकिन आंदोलनकारी इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे।

NEET Paper Leak: छात्रों की मांग के बाद लिया फैसला-

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि पेपर लीक के कारण प्रभावित छात्रों को न्याय मिले, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए और आंदोलन में शामिल छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो। CJP ने बातचीत के अगले दौर के लिए भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को शर्त बना दिया था।

इस्तीफे के बाद क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान-

इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने नीट पेपर लीक की पूरी जिम्मेदारी ली है और कभी भी इस मामले से पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि देश की एकता बनाए रखने, छात्रों के भविष्य की रक्षा करने और उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने का अवसर देने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया

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बिहार में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का सख्त अंदाज, मंच से अधिकारी को लगाई फटकार

बिहार में चल रहे सहयोग शिविरों के बीच गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को आगे भी लापरवाही न बरतने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी स्पष्ट संदेश दे दें कि इस मामले में किसी तरह की पैरवी नहीं चलेगी और जनता के काम में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।