डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 72 वर्षीय बुजुर्ग से 1.47 करोड़ की ठगी, 28 दिन तक डराकर खाते में डलवाए पैसे

गुजरात से साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 72 वर्षीय एक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर साइबर ठगों ने 1.47 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। यदि किसी को इस तरह की कॉल या संदेश प्राप्त होता है तो घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ‘ठक-ठक गैंग’ के बदमाश गिरफ्तार

राजधानी में अपराध के खिलाफ दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए ‘ठक-ठक गैंग’ के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आनंद कुमार सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को डॉक्टर, बिजनेसमैन या फिल्म प्रोड्यूसर बताता था।

डेटिंग ऐप पर मिले लड़के से ठगी, 8500₹ का भारी बिल थमाया गया

सोचिए, आप डेटिंग ऐप पर किसी से मिलते हैं और आपको लगता है कि ये एक आम मुलाकात है। कोलकाता के रानीकुटी इलाके में ऐसा ही हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई प्यार नहीं, बल्कि संगठित ठगी थी। उन्होंने साफ कहा कि डेटिंग ऐप पर मिलने जाएँ तो हमेशा सावधान रहें।

CBI ने 6 राज्यों में डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, तीन गिरफ्तार

देशभर में साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने 6 राज्यों में छापेमारी की और करीब ₹1.86 करोड़ के डिजिटल फ्रॉड मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। सीबीआई का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े देश-विदेश के अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

रायबरेली का कुम्हार और 1 करोड़ 25 हजार रुपये का झटका

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हार मोहम्मद शहीद को इनकम टैक्स विभाग की तरफ से 1 करोड़ 25 हजार रुपये का नोटिस मिला है। मोहम्मद शहीद ने प्रशासन से मामले की जांच और न्याय की मांग की है। उनके घर और कार्यस्थल को देखकर ही उनकी आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

साइबर ठगी के खिलाफ CBI की बड़ी कार्रवाई, फर्जी SMS फैक्ट्री का भंडाफोड़

CBI

देश में साइबर ठगी के मामलों पर नकेल कसने के लिए CBI की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में अब CBI ने फर्जी SMS भेजने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि इस गिरोह ने दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों का उल्लंघन करते हुए करीब 21 हजार SIM कार्ड हासिल किए थे। इन सभी SIM कार्ड को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कंट्रोल किया जा रहा था, CBI की शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ टेलीकॉम कंपनियों के चैनल पार्टनर और कर्मचारी भी अवैध तरीके से SIM कार्ड उपलब्ध कराने में शामिल हो सकते हैं। इस एंगल से भी जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।