जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में बताया मृत, 3 महीने से बंद हुई पेंशन; अब मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला

बिहार के मुजफ्फरपुर से सरकारी लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 75 वर्षीय वृद्ध महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि किसी जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर उसकी पेंशन रोक देना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।

ताले में कैद बाजना का पशु अस्पताल, इलाज के लिए भटक रहे ग्रामीण

विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच मथुरा के बाजना क्षेत्र में स्थित सरकारी पशु अस्पताल अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है। ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि अस्पताल भवन की मरम्मत कराकर यहां नियमित रूप से डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

जिंदा वार्ड पार्षद को सरकारी रिकॉर्ड में कर दिया गया मृत, पेंशन बंद होने पर खुला मामला

बिहार के गया जिले के वार्ड संख्या 34 से सरकारी लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां वार्ड पार्षद शीला देवी को प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों ने कागज़ों में ही मृत घोषित कर दिया। इस मामले को लेकर वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ओम यादव ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जब एक जीवित वार्ड पार्षद को ही मृत घोषित किया जा सकता है।