जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में बताया मृत, 3 महीने से बंद हुई पेंशन; अब मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला
बिहार के मुजफ्फरपुर से सरकारी लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 75 वर्षीय वृद्ध महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि किसी जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर उसकी पेंशन रोक देना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।