ईरान में अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे में जुटे शीर्ष नेता, नए सुप्रीम लीडर मोजतबा की गैरमौजूदगी से बढ़ा सस्पेंस

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद राजधानी तेहरान में आयोजित जनाजे की नमाज में देश के कई बड़े नेता और अधिकारी शामिल हुए। जानकारी के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरान और इराक के कई शहरों में श्रद्धांजलि के लिए ले जाया जाएगा।

खामेनेई का ट्रंप-नेतन्याहू पर बड़ा हमला, बोले- युद्ध में नाकाम होकर अब ईरान में फूट डालना चाहते हैं

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि दोनों देश सैन्य मोर्चे पर असफल होने के बाद अब ईरान के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव को लेबनान में सक्रिय ईरान समर्थित हिजबुल्लाह संगठन ने और जटिल बना दिया है।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की सुरक्षा में तैनात है NOPO

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया था। इस अभियान के पहले ही दिन तेहरान पर हुए एक हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई और उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। 56 वर्षीय मुजतबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की राजनीति में सक्रिय हैं। उन्हें एक प्रभावशाली लेकिन रहस्यमयी शख्सियत माना जाता है।

बदला बाकी है”: मुज्तबा खामेनेई का पहला संदेश, होर्मुज बंद करने का ऐलान, क्या और भड़केगी जंग?

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपना पहला संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने साफ कहा कि ईरान अपने “शहीदों” की मौत का बदला जरूर लेगा। पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लिया जाएगा, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की रणनीति जारी रहेगी।

12 दिन की बमबारी के बाद भी क्यों नहीं हिली ईरान की सत्ता?, जानिए US इंटेलीजेंस रिपोर्ट का सच

अमेरिका और इजरायल की ओर से लगातार हमलों के बीच ईरान भी पलटवार कर रहा है। इसी बीच अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट से संकेत मिला है कि 12 दिनों की बमबारी के बाद भी ईरान की सत्ता व्यवस्था काफी हद तक सुरक्षित बनी हुई है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के कुर्द विद्रोही समूह फिलहाल ईरानी सुरक्षा बलों के खिलाफ बड़ा खतरा पैदा करने की स्थिति में नहीं हैं।