खामेनेई का ट्रंप-नेतन्याहू पर बड़ा हमला, बोले- युद्ध में नाकाम होकर अब ईरान में फूट डालना चाहते हैं

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि दोनों देश सैन्य मोर्चे पर असफल होने के बाद अब ईरान के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव को लेबनान में सक्रिय ईरान समर्थित हिजबुल्लाह संगठन ने और जटिल बना दिया है।

“अगर मैं नहीं होता तो इजरायल भी नहीं होता…” ट्रंप का बड़ा दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि अगर वह नहीं होते तो आज इजरायल का अस्तित्व भी नहीं होता। ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब मध्य पूर्व में हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।

“तुम हद पार कर रहे हो, अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते”, लेबनान कार्रवाई पर ट्रंप ने नेतन्याहू को लगाई फटकार

ट्रंप ने नेतन्याहू को लगाई कड़ी फटकार, लेबनान कार्रवाई पर बढ़ा तनाव

लेबनान में बढ़ती इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तनाव की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू को फटकार लगाई। वहीं, सीजफायर बनाए रखने के प्रयास भी जारी हैं।

ट्रंप-नेतन्याहू की एक सुर में चेतावनी, बोले- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बार फिर अमेरिका और इजरायल का सख्त रुख सामने आया है। अमेरिका और इजरायल के इस सख्त रुख के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

“मैं चाहूं तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दूं”, ट्रंप के बयान से फिर गरमाई US-Iran-Israel राजनीति

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान, इजरायल और वैश्विक राजनीति को लेकर ऐसे बयान दिए हैं, जिनकी दुनियाभर में चर्चा हो रही है। ट्रंप के इन बयानों के बाद एक बार फिर अमेरिका, ईरान और इजरायल के रिश्तों को लेकर बहस तेज हो गई है।

अमेरिका की फौज ने ईरान पर हमला कर दिया!

ईरान पर हमला इजरायल और अमेरिका ने शुरू कर दिया है। बदले में ईरान ने भी जवाबी हमला कर दिया है। बताया जा रहा है कि हमले में ईरान के आर्मी जनरल को मार दिया गया है। ईरान और अमेरिका के बीच गुरुवार को ओमान की मध्यस्थता में जिनेवा में बातचीत हुई, जो बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। ऐसे में मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं।