रूस से तेल खरीद पर भारत का दो टूक जवाब, अमेरिका की चेतावनी के बावजूद जारी रहेगा आयात

भारत ने साफ कर दिया है कि वह रूस से कच्चे तेल की खरीद सिर्फ अपने व्यावसायिक हितों को ध्यान में रखकर कर रहा है और अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील मिले या नहीं, इससे भारत की नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भारत लगातार रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है। ऊर्जा विश्लेषण कंपनी Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में भारत का रूसी तेल आयात रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है।

रूस से तेल आयात पर भारत का दो टूक रुख, सरकार बोली 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि

भारत सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा किसी भी वैश्विक दबाव से ऊपर है। रूस से तेल आयात को लेकर उठे सवालों पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा जरूरतें पूरी करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। MEA प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सम्मान करता है, लेकिन अपनी ऊर्जा नीति किसी बाहरी दबाव के आधार पर तय नहीं करेगा।