US Iran War Updates: अमेरिका और ईरान के बीच इस समय हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। कभी ऐसा लगता है कि दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू हो सकता है, तो कभी अचानक शांति की उम्मीद नजर आने लगती है।
अब खबर सामने आई है कि दोनों देश पर्दे के पीछे समझौते की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच एक अहम बात यह भी सामने आई है कि इजरायल की रक्षा करते-करते अमेरिका का बड़ा मिसाइल भंडार काफी हद तक खत्म हो चुका है।इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका अब युद्ध खत्म करना चाहता है? और क्या ईरान भी किसी बड़े समझौते की तैयारी में है?
पर्दे के पीछे चल रही बातचीत
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इसना के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है।इस बातचीत का उद्देश्य एक संभावित समझौते के लिए रूपरेखा तैयार करना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों देश इस समय संदेश और मसौदा दस्तावेजों का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
इससे पहले एक ईरानी अधिकारी ने अल जज़ीरा से बातचीत में कहा था कि बातचीत करने वाले लोग समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस समय तेज स्तर पर मध्यस्थता की कोशिशें चल रही हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी इस समय ईरान में मौजूद हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं।हालांकि अल जज़ीरा का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अंतिम समझौता हो पाएगा या नहीं।
US Iran War Updates: अमेरिका का मिसाइल भंडार हो रहा कम
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका ने इजरायल की रक्षा के लिए बड़ी मात्रा में उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल किया है। द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इजरायल की सुरक्षा के लिए खुद इजरायल से भी ज्यादा मिसाइलों का उपयोग किया।
गुरुवार को द वॉशिंगटन पोस्ट से गुप्त रूप से बात करने वाले अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस स्थिति ने अमेरिका की अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
ट्रंप का बयान: ईरान को यूरेनियम रखने की अनुमति नहीं
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान को समृद्ध यूरेनियम रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।उन्होंने कहा कि अमेरिका उस यूरेनियम को अपने कब्जे में ले सकता है और जरूरत पड़ने पर उसे नष्ट भी कर सकता है।ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष बहुत जल्द खत्म हो सकता है। उनका यह भी दावा है कि जब यह संघर्ष समाप्त होगा, तो पेट्रोल की कीमतें पहले से कम हो सकती हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका का रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी अपनी बात स्पष्ट की।उन्होंने कहा कि यह रास्ता पूरी तरह खुला और स्वतंत्र रहना चाहिए। अमेरिका इस पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं चाहता।उनके अनुसार, यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए।








