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Uttarakhand Board Results: लड़कों से आगे रही लड़कियां, गीतिका और सुशीला ने किया टॉप

Uttarakhand Board Results: लड़कों से आगे रही लड़कियां, गीतिका और सुशीला ने किया टॉप
Uttarakhand Board Results:  उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (यूबीएसई) ने शनिवार को कक्षा 10वीं (हाईस्कूल) और 12वीं (इंटरमीडिएट) की बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम जारी किए। अन्य बोर्ड के परिणामों की तरह ही उत्तराखंड बोर्ड में भी लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन करके बाजी मारी है। इंटरमीडिएट में बागेश्वर की गीतिका पंत और ऊधम सिंह नगर की सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से राज्य में 98 प्रतिशत अंक के साथ टॉप किया।दूसरे स्थान पर ऋिषिकेश के आर्यन ने 97.8 प्रतिशत के साथ अपनी जगह बनाई और 97.0 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर हरिद्वार की वंशिका रहीं।

10 वीं में 92.10 और 12 वीं में 85.11 प्रतिशत हुए पास

इस वर्ष कक्षा 10वीं का कुल उत्तीर्णता प्रतिशत 92.10 और 12वीं का उत्तीर्णता प्रतिशत 85.11 रहा। हाईस्कूल में लड़कियों का पास प्रतिशत 96.07 और लड़कों का 88.03 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं, इंटरमीडिएट में लड़कियों का उत्तीर्णता प्रतिशत 88.09 और लड़कों का उत्तीर्णता प्रतिशत 81.93 रहा।

Uttarakhand Board Results:10 वीं में ये रहे टॉपर

यूके बोर्ड कक्षा 10 वीं के परिणाम में इस वर्ष नैनीताल जिले के रामनगर के अक्षत गोपाल 98.20 प्रतिशत अंकों के साथ राज्य के टॉपर रहे। ईशांत कोठारी और भूमिका 98.00 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर आए और 97.80 प्रतिशत अंकों के साथ योगेश जोशी ने तीसरा स्थान हासिल किया।
बता दें कि यूबीएसई द्वारा कक्षा 10वीं की परीक्षा 23 फरवरी से 20 मार्च और कक्षा 12वीं की परीक्षा 21 फरवरी से 20 मार्च के बीच आयोजित की गई थी।

Uttarakhand Board Results:  दादाजी को दिया सफलता का श्रेय

इस वर्ष बागेश्वर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज की गीतिका पंत ने उत्तराखंड बोर्ड इंटर परीक्षा में 500 में से 490 अंक प्राप्त करके पूरे राज्य में टॉप किया है। गीतिका ने अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए सबसे पहले अपने स्कूल के शिक्षकों को आभार व्यक्त किया, जिनके गाइडेंस और छात्रों के पीछे की मेहनत की वजह से आज उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। इसी के साथ, उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने दादाजी को दिया, जिन्होंने गीतिका को हर कदम पर प्रोत्साहित और हमेशा सहयोग किया।
इसके अलावा, गीतिका ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग और समर्थन के साथ-साथ अपनी निरंतर मेहनत को दिया है। उन्होंने बताया कि वो घंटे गिनकर पढ़ाई नहीं करती थी, लेकिन प्रतिदिन ज्यादा से ज्यादा समय पढ़ाई करने की कोशिश करती थी। गीतिका ने अपने लक्ष्य के बारे में बताते हुए कहा कि वह अपना करियर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बनाना चाहती हैं।

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