डार्क नेटवर्क का कड़वा सच: कैसे मानव तस्करी का अड्डा बनता जा रहा है यूरोप, क्यों ‘यूरोप का वेश्यालय’ कहलाता है जर्मनी?

Europe Sex Trafficking:

Europe Sex Trafficking: यूरोप में मानव तस्करी और जबरन देह व्यापार का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। लैटिन अमेरिकी देशों की महिलाओं को नौकरी, मॉडलिंग और बेहतर जीवन का सपना दिखाकर यूरोप बुलाया जाता है। वहां पहुंचने के बाद उनके दस्तावेज छीनकर उन्हें जबरन देह व्यापार में धकेल दिया जाता है।

Europe Sex Trafficking: गरीबी और बेरोजगारी का उठा रहे फायदा-

कोलंबिया, वेनेजुएला, पेरू समेत कई देशों में आर्थिक संकट और बेरोजगारी का फायदा तस्कर उठा रहे हैं। दलाल महिलाओं को केयरटेकर, वेट्रेस, क्लीनर या मॉडलिंग के नाम पर यूरोप बुलाते हैं और बाद में उनका शोषण शुरू कर देते हैं।

Europe Sex Trafficking: जर्मनी क्यों कहलाता है ‘यूरोप का वेश्यालय’-

जर्मनी में वेश्यावृत्ति कानूनी है और लाइसेंस प्राप्त वेश्यालय संचालित किए जा सकते हैं। इसी वजह से यहां सेक्स इंडस्ट्री का बड़ा बाजार विकसित हुआ है। आलोचक इसी कारण जर्मनी को ‘यूरोप का वेश्यालय’ कहते हैं। हालांकि कानूनी व्यवस्था की आड़ में मानव तस्करी के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

कोविड के बाद बदला देह व्यापार का तरीका-

कोविड-19 महामारी के बाद देह व्यापार का बड़ा हिस्सा वेश्यालयों से निकलकर निजी अपार्टमेंट और होटलों में पहुंच गया। इन स्थानों पर पुलिस की निगरानी मुश्किल होने से तस्करों को अपना नेटवर्क चलाने में आसानी मिल रही है।

जर्मनी और स्पेन की पुलिस का अभियान-

मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए जर्मनी और स्पेन की पुलिस लगातार वेश्यालयों, होटलों और संदिग्ध अपार्टमेंट्स पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का लक्ष्य जबरन इस धंधे में फंसाई गई महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालना है।

पीड़ित महिलाएं क्यों नहीं करतीं शिकायत-

तस्कर महिलाओं को उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देते हैं। इसी डर के कारण पुलिस कार्रवाई के दौरान भी कई महिलाएं खुद को स्वेच्छा से काम करने वाला बताती हैं और अपराधियों के खिलाफ बयान देने से बचती हैं।

सोशल मीडिया बना तस्करों का नया हथियार-

अब मानव तस्करी का नेटवर्क ऑनलाइन भी सक्रिय है। व्हाट्सएप, सोशल मीडिया और विज्ञापन वेबसाइटों के जरिए ग्राहकों तक महिलाओं को पहुंचाया जाता है। कई मामलों में पीड़ित महिलाओं के मोबाइल और ऑनलाइन प्रोफाइल भी तस्करों के नियंत्रण में रहते हैं।

सिर्फ कानून बदलने से नहीं रुकेगा अपराध-

स्वीडन और फ्रांस जैसे देशों में सेक्स खरीदना अपराध है, जबकि जर्मनी में वेश्यावृत्ति कानूनी है। इसके बावजूद मानव तस्करी का नेटवर्क सक्रिय बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कानून बदलना पर्याप्त नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी है।

संयुक्त राष्ट्र ने जताई गंभीर चिंता-

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मानव तस्करी दुनिया के सबसे बड़े संगठित अपराधों में शामिल है। 2020 से 2023 के बीच दुनियाभर में करीब दो लाख मामले दर्ज हुए, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक होने का अनुमान है।

सबसे बड़ी चुनौती क्या है-

पुलिस और सामाजिक संगठनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पीड़ित महिलाओं का भरोसा जीतना और उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। तस्कर लगातार नए तरीके अपनाकर अपना नेटवर्क मजबूत कर रहे हैं।

समाधान क्या है-

विशेषज्ञों का मानना है कि गरीबी, बेरोजगारी, पलायन और लैंगिक असमानता जैसी मूल समस्याओं का समाधान किए बिना मानव तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित कार्रवाई, पीड़ितों की सुरक्षा और तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ना सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है

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Sonam Wangchuk:

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पुंछ-किश्तवाड़ में बादल फटने से 11 की मौत, कई राज्यों में बारिश-बाढ़ का कहर

 Jammu Kashmir Cloudburst:

Jammu Kashmir Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के पुंछ और किश्तवाड़ जिलों में शनिवार रात बादल फटने और भारी बारिश के बाद बाढ़ व भूस्खलन से हालात गंभीर हो गए। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन, NDRF और अन्य बचाव एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। Jammu Kashmir Cloudburst: पुंछ में … Read more

ऑफिस पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद भाजपा पर बरसे अभिषेक, बोले- पुलिस की वर्दी में हुई चोरी

 Abhishek Banerjee:

Abhishek Banerjee: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने अमतला स्थित अपने पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद भाजपा और पश्चिम बंगाल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में पुलिस ने कानून का पालन करने के बजाय कानून तोड़ने का काम किया। अभिषेक ने कहा कि उनके कार्यालय … Read more

सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल भेजने से कोर्ट का इनकार, सफदरजंग में ही जारी रहेगा इलाज

Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk: लद्दाख के शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने फिलहाल उन्हें सरकारी सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया। अदालत ने माना कि वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए सरकार … Read more

कप्तान के बिना जिम्बाब्वे रवाना हुई टीम इंडिया, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी नजरें

IND vs ZIM:

IND vs ZIM: भारतीय क्रिकेट टीम इस समय इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले की तैयारी में जुटी है। इसी बीच भारत की टी20 टीम जिम्बाब्वे दौरे के लिए रवाना हो गई है। हालांकि, टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर अभी इंग्लैंड में ही हैं। वह इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा वनडे खेलने के बाद जिम्बाब्वे के लिए रवाना होंगे।

IND vs ZIM: वैभव सूर्यवंशी के पास खुद को साबित करने का मौका-

जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में कई युवा खिलाड़ियों को मौका मिला है, जिनमें वैभव सूर्यवंशी सबसे चर्चित नाम हैं। इंग्लैंड के खिलाफ मिली सीमित पारियों में वह प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे और उनके बल्ले से किसी भी मैच में 20 रन नहीं निकले। ऐसे में जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज उनके लिए शानदार वापसी का मौका होगी। अपेक्षाकृत कमजोर विपक्ष के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर वह अपना आत्मविश्वास बढ़ाना चाहेंगे।

IND vs ZIM: BCCI ने साझा की रवाना हुई टीम की तस्वीर-

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जिम्बाब्वे रवाना हुए खिलाड़ियों की तस्वीर साझा की है। फोटो में वैभव सूर्यवंशी के अलावा उपकप्तान तिलक वर्मा, सूर्यांश शेडगे, प्रभसिमरन सिंह और रवि बिश्नोई भी नजर आए।

गौतम गंभीर नहीं, वीवीएस लक्ष्मण संभालेंगे जिम्मेदारी-

जिम्बाब्वे दौरे पर टीम इंडिया के साथ मुख्य कोच गौतम गंभीर नहीं जाएंगे। उनकी जगह वीवीएस लक्ष्मण को टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लक्ष्मण भी खिलाड़ियों के साथ जिम्बाब्वे के लिए रवाना हो चुके हैं। वहीं श्रेयस अय्यर के अलावा ईशान किशन, प्रिंस यादव और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी इंग्लैंड में अपने मैच पूरे करने के बाद टीम से जुड़ेंगे

भारत बनाम जिम्बाब्वे टी-20 सीरीज शेड्यूल-

– पहला टी20: 23 जुलाई, हरारे
– दूसरा टी20: 25 जुलाई, हरारे
– तीसरा टी20: 26 जुलाई, हरारे

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बीयू की मान्यता प्राप्त कॉलेजों के स्थान पर देखने को मिली निर्माणाधीन बिल्डिंग और खेत

 BU Affiliated Colleges:

BU Affiliated Colleges: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यह मामला भोपाल के मशहूर विश्वविद्यालय बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी (BU) का है। BU के रिकॉर्ड के हिसाब से जिन कॉलेजों को मान्यता प्रदान की गई है, वहां दर्ज पते पर कॉलेज की जगह निर्माणाधीन बिल्डिंग और खेत-खलिहान देखने को मिले हैं। जैसे ही इस मामले की जानकारी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को मिली, उन्होंने बिना देरी किए हाई-लेवल जांच का आदेश जारी कर दिया।

BU Affiliated Colleges: एक ही पते पर दो विश्वविद्यालय-

NCTE को जांच के दौरान यह पता चला कि एक ही पते पर बी.एड. (B.Ed) के दो कॉलेजों को मान्यता दी गई है। NCTE की जांच टीम जेवियर कॉलेज भी पहुंची, लेकिन टीम के होश तब उड़ गए जब उन्हें रिकॉर्ड में दर्ज पते पर कॉलेज नहीं मिला।

BU Affiliated Colleges: मान्यता प्राप्त कोर्स की जगह पढ़ाया जा रहा है अन्य कोर्स-

आगे की जांच में NCTE टीम को यह पता चला कि जिन कॉलेजों को बी.एड. (B.Ed.) कोर्स की मान्यता दी गई है, वहां बी.एड. की जगह दूसरे कोर्स संचालित हो रहे हैं। टीम को जानकारी मिली कि बी.एड. (B.Ed.) की कक्षाएं किसी अन्य स्थान पर संचालित की जा रही हैं।

NCTE की जांच के दायरे में हैं यह चार प्रमुख कॉलेज-

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की जांच के दायरे में चार प्रमुख कॉलेजों के नाम हैं। इन प्रमुख कॉलेजों के नाम हैं कमलनाथ कॉलेज, जवाहर कॉलेज, श्री राम कॉलेज और बगलामुखी कॉलेज। जानकारी के अनुसार, इन चार कॉलेजों में पिछले 10 वर्षों से डेढ़ सौ विद्यार्थी बी.एड. का कोर्स पास कर रहे हैं

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सर्वदलीय बैठक में TMC के बागी सांसदों को बुलाने पर विवाद, विपक्ष ने किया वॉकआउट

TMC Rebel MPs

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